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कुमार सानू आज मना रहे हैं अपना 62वां जन्मदिन

कुमार सानू आज मना रहे हैं अपना 62वां जन्मदिन
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मुंबई। बॉलीवुड के मशहूर सिंगर कुमार सानू को आज कौन नहीं जानता? बॉलीवुड फिल्मों में रोमांटिक गाने गाकर लाखों युवा दिलों की धड़कन बढ़ाने वाले कुमार सानू आज अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। कुमार सानू का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को कोलकाता में हुआ था। कुमार सानू का असली नाम केदारनाथ भट्टाचार्य है। कुमार सानू के पिता पशुपति भट्टाचार्य एक तबला वादक और संगीतकार थे।

इसके कारण कुमार सानू का रुझान भी संगीत की तरफ हुआ। उन्होंने अपने पिता से तबला और संगीत की शिक्षा ली। अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद कुमार सानू संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना लिए मुंबई आ गये। यहां आने के बाद उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अपने संघर्ष के दिनों में कुमार सानू ने कई स्टेज शो किये। वह कई जगह काम की तलाश में जाते,लेकिन हर जगह उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता,लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 1989 में कुमार सानू की मुलाकात जगजीत सिंह से हुई, उन्होंने उन्हें कल्याणजी-आनंदजी से मिलवाया। वह कुमार सानू की आवाज से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने 1989 में आई फिल्म 'जादूगर' में उन्हें गाना गाने का मौका दिया। इसके बाद कुमार सानू ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा।

1990 में विनोद खन्ना की फिल्म 'जुर्म' का गाना 'जब कोई बात बिगड़ जाये' से उन्हें पहली सफलता मिली। इसी साल एक और फिल्म आई 'आशिकी' जिसमे कुमार सानू ने गीत गाए। इस फिल्म का गाना 'मैं दुनिया भुला दूंगा' और 'तू मेरी जिंदगी है' ने हर किसी को दीवाना बना दिया। इस फिल्म में कुमार सानू के सारे गाने सुपरहिट रहे और कुमार सानू रातों-रात सुपरस्टार बन गये। लाखों दिलों पर राज करने वाले कुमार सानू ने बॉलीवुड में कई रोमांटिक और हिट गाने दिए हैं जिसमें मेरा दिल भी कितना पागल है (साजन), एक लड़की को देखा तो(1942 अ लव स्टोरी), सोचेंगे तुम्हें प्यार (दीवाना),दो दिल मिल रहे हैं (परदेस), इस तरह आशिकी का (इम्तिहान), पास वो आने लगे (मैं अनाड़ी तू खिलाड़ी), दर्द करारा (डीएम लगाके हईसा) शामिल हैं।

कुमार सानू एक मात्र ऐसे गायक है,जिन्होंने एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड किये हैं। इसके लिए उनका नाम गिनीज ऑफ द वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। साथ ही कुमार सानू के नाम लगातार पांच सालों तक, 1991 से लेकर 1995 तक फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार जितने का रिकॉर्ड भी बनाया है। यह अवार्ड उन्हें 1991 में "अब तेरे बिन"(आशिकी), 1992"मेरा दिल भी कितना पागल है"(साजन), 1993 में "सोचेंगे तुम्हे प्यार"(दीवाना), 1994 में "ये काली काली आंखें (बाज़ीगर),1995 में 'एक लड़की को देखा(1942: अ लव स्टोरी) के लिए मिला। कुमार सानू बॉलीवुड के उन चुनिंदा सिंगरों में से है,जिनकी आवाज का जादू दर्शकों के बीच हमेशा कायम रहेगा। उन्होंने संगीत की दुनिया में एक अनूठा मकाम हासिल किया है। सोशल मीडिया पर कुमार सानू के फ्रेंड फ्लोइंग की संख्या लाखों में है।

Updated : 20 Oct 2019 9:02 AM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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