ग्लैमर इंडस्ट्री का वो राज़... जिसके पीछे की हकिकत जान कर आप रह जाएंगे हैरान? किसी ने की आत्महत्या, तो किसी ने छोड़ दी इंडस्ट्री ।
ग्लैमर की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार दिखाई देती है, अंदर से उतनी ही प्रतिस्पर्धा, मानसिक दबाव और अस्थिरता से भरी होती है। ‘मिस इंडिया’ का ताज जीतना किसी भी लड़की के लिए उसके लिए सबसे बड़ा सपना होता है। लेकिन इस मुकाम के बाद आने वाली अपेक्षाएं, पब्लिक लाइफ और निजी संघर्ष कई बार भारी पड़ जाते हैं। कुछ ब्यूटी क्वीन ने जहां इंडस्ट्री में लंबा सफर तय किया, वहीं कुछ ने खुद से हार मानकर ली।
इस खबर में हम उन मिस इंडिया के बारें में बताएंगे। जिन्होंने ताज तो जीत लिया। लेकिन खुद से नहीं जीत पाई। किसी से इस इंडस्ट्री से अलविदा कर दिया, तो किसी ने दुनिया से...
नफीसा जोसेफ
साल 1997 में फेमिना मिस इंडिया यूनिवर्स का खिताब जीतने वाली नफीसा जोसेफ ने मॉडलिंग की दुनिया में तेजी से पहचान बनाई। इसके बाद वह म्यूजिक चैनल MTV India की लोकप्रिय VJ बनीं और कई चर्चित शो होस्ट किए।

नफीसा ने फिल्मों और टीवी प्रोजेक्ट्स में भी काम किया, लेकिन जुलाई 2004 में महज 26 वर्ष की उम्र में उन्होंने आत्महत्या कर ली। मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया कि उनके सुसाइड करने के पीछे का कारण तनाव और उनकी सगाई टूटना सामने आया। उनकी असमय मृत्यु ने मनोरंजन जगत को गहरा झटका दिया और ग्लैमर इंडस्ट्री के दबाव पर गंभीर सवाल खड़े किए।
सयाली भगत
सयाली भगत ने साल 2004 में फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड का खिताब जीता। जिसके बाद सयाली भगत ने बॉलीवुड का रुख किया। उन्होंने The Train और Ghumoar जैसी फिल्मों में काम किया।

हालांकि, उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई। कुछ वर्षों तक एक्टिंग करने के बाद उन्होंने लाइमलाइट से दूरी बना ली। अब वह अपनी निजी जिंदगी पर ध्यान दे रही हैं और ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कह चुकी हैं।
कुलजीत रंधावा
फेमिना मिस इंडिया 1998 की फाइनलिस्ट रहीं कुलजीत रंधावा ने मॉडलिंग से करियर की शुरुआत की और बाद में टीवी इंडस्ट्री में कदम रखा। वह लोकप्रिय धारावाहिक कुसुम में नजर आईं और अपनी मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस के लिए जानी गईं।

फरवरी 2006 में 30 वर्ष की उम्र में उन्होंने आत्महत्या कर ली। इस खबर ने टीवी और मॉडलिंग इंडस्ट्री को स्तब्ध कर दिया। उनके इस कदम ने मनोरंजन जगत में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नई बहस छेड़ दी थी।
पूजा चितगोपेकर
फेमिना मिस इंडिया अर्थ 2007 का खिताब जीतने वाली पूजा चितगोपेकर ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। मॉडलिंग के बाद उन्होंने एक्टिंग में भी हाथ आजमाया, लेकिन उन्हें बड़ी सफलता नहीं मिली।

कुछ समय बाद उन्होंने शोबिज की दुनिया से दूरी बना ली और कॉर्पोरेट सेक्टर में अपना करियर आगे बढ़ाया। उनका फैसला इस बात का उदाहरण है कि हर किसी के लिए ग्लैमर इंडस्ट्री ही अंतिम मंजिल नहीं होती।
रेशमी घोष
साल 2002 में फेमिना मिस इंडिया अर्थ का खिताब जीतने वाली रेशमी घोष ने मॉडलिंग के बाद टीवी इंडस्ट्री में मजबूत पहचान बनाई। वह क्योंकि सास भी कभी बहू थी और किस देश में है मेरा दिल जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों का हिस्सा रहीं।

रेशमी कई वर्षों तक टीवी जगत में सक्रिय रहीं, लेकिन शादी के बाद उन्होंने काम की रफ्तार धीमी कर दी और निजी जीवन को प्राथमिकता दी। वह आखिरी बार 2018 में महाकाली अंत ही आरंभ है में नजर आई थीं।
ग्लैमर इंडस्ट्री जितनी बाहर से अच्छी दिखती है। उतनी ही अंदर से रहस्य से भरी रहती है। इसके तनाव को हर कोई नहीं झेल पाता है, कोई हार मानकर आत्महत्या कर लेता है, तो कोई इस इंडस्ट्री से दूरी बना लेता है।