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मनी लांड्रिंग केस : विजय माल्या की बेंगलुरु की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश

मनी लांड्रिंग केस : विजय माल्या की बेंगलुरु की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश

नई दिल्ली/स्वदेश वेब डेस्क। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ मनी लांड्रिंग के मामले पर सुनवाई करते हुए माल्या की बेंगलुरु की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश द चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक सहरावत ने अपने पहले के आदेश को लागू करने का आदेश दिया। गुरुवार को सुनवाई के दौरान बेंगलुरु पुलिस ने कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए समय की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने आज नए सिरे से आदेश जारी किया ।

पांच जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट को बताया था कि उसने विजय माल्या और उसकी कंपनी युनाईटेड ब्रेवरीज के 159 संपत्तियों की पहचान की है। ईडी के जरिए बेंगलुरु पुलिस ने कोर्ट से और संपत्तियों की पहचान करने के लिए समय की मांग की थी ।

आठ मई को कोर्ट ने विजय माल्या की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया था । चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक सहरावत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अर्जी पर फेरा कानून के उल्लंघन के आरोप में ये आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान ईडी के वकील एनके माटा ने कहा था कि माल्या की संपत्तियों को जब्त करने के पहले के कोर्ट के आदेश पर जब्ती कार्रवाई करने वाले प्राधिकार का कोई जवाब नहीं आया है। उसके बाद कोर्ट ने नए सिरे से जब्ती का आदेश जारी किया।

27 मार्च को कोर्ट ने माल्या की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने बेंगालुरु के पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया था कि वे माल्या की संपत्ति को जब्त करें। पिछली चार जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट ने माल्या को भगोड़ा घोषित कर दिया था। ईडी के समन के बाद उपस्थित नहीं होने पर ईडी ने उन्हें भगोड़ा घोषित करने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दायर की थी।

पहले की सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा था कि माल्या की उपस्थिति के लिए उसने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। उसने माल्या के दफ्तर और आवास पर नोटिस भेजा। यहां तक कि अखबारों में भी विज्ञापन दिया।

आठ नवम्बर, 2017 को ईडी ने माल्या को भगोड़ा घोषित करने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। ईडी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माल्या को 18 दिसम्बर तक कोर्ट में पेश होने का नोटिस जारी किया था लेकिन माल्या कोर्ट में पेश नहीं हो पाए।

पटियाला हाउस कोर्ट ने 12 अप्रैल, 2017 को माल्या के खिलाफ ओपन एंडेड गैर जमानती वारंट जारी किया था। ओपन एंडेड वारंट की तिथि नियत नहीं होती है। इसे प्रतिवादी के खिलाफ कभी भी तामील किया जा सकता है।

पटियाला कोर्ट ने माल्या को व्यक्तिगत पेशी से छूट के पिछले साल के अपने फैसले को हटा लिया था। ईडी ने माल्या पर आरोप लगाया था कि उसने 1996, 1997 और 1998 में लंदन और यूरोपीय देशों में आयोजित फॉर्मूला वन चैंपियनशिप में किंगफिशर का लोगो दिखाने के लिए एक ब्रिटिश फर्म को दो लाख अमेरिकी डॉलर दिए थे। ईडी के मुताबिक माल्या ने ये रकम रिजर्व बैंक की बिना पूर्व अनुमति के दिए थे, जो फेरा के नियमों के उल्लंघन के तहत आता है।

Updated : 2018-10-12T04:22:19+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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