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स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे मुजफ्फरपुर, कहा - यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण

स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे मुजफ्फरपुर, कहा - यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में अक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार के चलते मरने वाले बच्‍चों की संख्‍या 84 पहुंच गई है। कई मरीजों की हालत अब भी गंभीर है और पीड़ित सभी रोगियों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंच गए हैं। हर्षवर्धन अक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम के प्रकोप के बाद की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।

डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने श्री कृष्‍णा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल का दौरा किया और डॉक्‍टरों से बात की। मेडिकल कॉलेज ने रविवार को तीन और बच्‍चों के मौत की पुष्टि की है। इस बीच बिहार सरकार के मंत्री सुरेश शर्मा ने एईएस से मौतों पर कहा है कि राज्‍य सरकार शुरू से ही इस बीमारी पर काम कर रही है। दवाइयों की कोई कमी नहीं है। हालांकि उन्‍होंने माना कि वर्तमान में आपात स्थिति को देखते हुए बेड और आईसीयू की कमी है।

बता दें कि लगातार हो रही मौतों के कारणों की जांच के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम मुजफ्फरपुर में है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इलाके में चिलचिलाती गर्मी, नमी और बारिश के ना होने के चलते लोग हाइपोग्लाइसीमिया (शरीर में अचानक शुगर की कमी) के कारण लोगों की मौत हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया था कि चमकी के कारण हो रही मौतों का कारण लीची भी हो सकती है। कहा जा रहा है कि मुजफ्फरपुर के आस-पास उगाई जाने वाली लीची में कुछ जहरीले तत्व हैं। इस बीच मरीजों के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि श्री कृष्‍णा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में रात के समय डॉक्‍टर नहीं रहते हैं, जिससे उन्‍हें काफी परेशानी होती है। उनका कहना है कि रात के समय केवल नर्स रहती है। एक तीमारदार ने कहा कि हॉस्पिटल में रोज बच्‍चे मर रहे हैं लेकिन यहां पर सुविधाओं का काफी अभाव है।

उधर, केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने गर्मी से मौत पर दुख जताते हुए लोगों को घरों से न निकलने की सलाह दी है। उन्होंने पटना में कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हीटस्ट्रोक से लोगों की मौत हो रही है। मैं लोगों को सलाह दूंगा कि जब तक तापमान कम न हो घर से बाहर न निकले। प्रचंड गर्मी से दिमाग पर असर पड़ता है और फिर इससे कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं।'

Updated : 16 Jun 2019 7:21 AM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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