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अटल जी और नरेंद्र मोदी का गहरा जुड़ाव

श्मशान से बुलाकर बनाया था गुजरात का मुख्यमंत्री

अटल जी और नरेंद्र मोदी का गहरा जुड़ाव

नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्ते काफी गहरे रहे हैं। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी हमेशा नरेंद्र मोदी के लिए दाहिना हाथ उठाकर हिलाते थे। वहीं नरेंद्र मोदी भी उन्हें सम्मान देने में कोई अवसर नहीं छोड़ते थे। कई बड़े मंचों पर ऐसा देखा गया जब नरेंद्र मोदी झुककर अटल जी के गले मिलते थे। वहीं अटल जी भी उनके सिर पर हाथ फेरते हुए उनकी पीठ थपथपाकर आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करते थे।

तभी एक नेता का मोबाइल बज गया

अक्टूबर 2001 की सुबह। मौसम में अभी गर्माहट थी, लेकिन वातावरण में एक स्याह सन्नाटा पसरा हुआ था। चेहरे मानो एक दूसरे से सवाल पूछते हुए से, बिना किसी जवाब की उम्मीद के... दिल्ली के एक श्मशान गृह में एक चिता जल रही थी। एक निजी चैनल के कैमरामैन गोपाल बिष्ट के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने कुछ पत्रकार साथी और राजनेता पहुंचे थे। अंतिम संस्कार चल ही रहा था कि एक नेता के मोबाइल फोन की घंटी बजी। प्रधानमंत्री निवास से फोन था। फोन करने वाले ने पूछा, कहां हैं? फोन उठाने वाले ने जवाब दिया, श्मशान में हूं। फोन करने वाले ने कहा, आकर मिलिए। इस बहुत छोटी सी बात के साथ फोन कट गया। श्मशान में आये उस फोन ने हिन्दुस्तान की राजनीति के नक्शे को बदल दिया।

एक छोटे से कमरे में रह रहे थे मोदी

यह फोन कहीं और से नहीं बल्कि प्रधानमंत्री निवास से था और उन्हें मिलने के लिए बुलाया गया था। खास बात भी यह थी कि यह नेता कोई और नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी थे। उस समय मोदी भाजपा से गुजरात में नेता थे और वह दिल्ली में अशोका रोड पर भाजपा के पुराने दफ्तर में पीछे की ओर बने एक छोटे से कमरे में रह रहे थे। यहां पर बैठने के लिए एक तख्त और दो कुर्सियां हुआ करती थीं। इस दौरान उन्हें केशूभाई पटेल के विरोधियों का साथ देने के लिए उनकी नाराजगी झेलनी पड़ी थी।

अटल जी ने वापस भेजा था गुजरात

हालांकि वह दौर ऐसा था जब भारतीय जनता पार्टी में प्रमोद महाजन, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली जैसे नेताओं की एक अच्छी पोजीशन थी। ऐसे में जब अटल बिहारी वाजपेयी के बुलावे पर मोदी उस रात उनके घर पहुंचे तो उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी उठाने को कहा गया। इतना ही नहीं मोदी से यह भी कहा गया कि वह गुजरात वापस जाएं। इसके बाद तो राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। गुजरात के मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल को हटाकर मोदी को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।

Updated : 2018-08-17T18:26:18+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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