वित्तीय सेवा विभाग की रिपोर्ट में खुलासा—57% भारतीयों की पहली पसंद बना यूपीआई, नकदी को पीछे छोड़ गांवों तक बढ़ी डिजिटल पेमेंट की पहुंच
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक नकदी को पीछे छोड़ते हुए यूपीआई अब लेन-देन का सबसे पसंदीदा साधन बन गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रुपे डेबिट कार्ड के उपयोग को, खासकर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में बढ़ावा देने के लिए लक्षित कारोबारी सक्षमता कार्यक्रम की आवश्यकता है। वहीं 57 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बताया कि वे लेन-देन में यूपीआई का उपयोग करते हैं।
57 फीसदी लोगों की पहली पसंद बना यूपीआई
वित्तीय सेवा विभाग ने 13–14 फरवरी, 2026 को आयोजित चिंतन शिविर के दौरान ‘रुपे डेबिट कार्ड और कम मूल्य वाले भीम यूपीआई (पर्सन-टू-मर्चेंट) ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव विश्लेषण’ शीर्षक से यह रिपोर्ट जारी की।
ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से बढ़ी पैठ
यह सामाजिक-आर्थिक प्रभाव विश्लेषण 15 राज्यों के 10,378 प्रतिभागियों को शामिल करते हुए किए गए एक व्यापक प्राथमिक सर्वेक्षण पर आधारित है। सर्वे में 6,167 उपयोगकर्ता, 2,199 व्यापारी और 2,012 सेवा प्रदाता शामिल थे, जो भारत के डिजिटल भुगतान परिवेश से जुड़े विभिन्न पक्षों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
पसंदीदा लेन-देन माध्यम बनकर उभरा यूपीआई
सर्वेक्षण से पता चलता है कि विभिन्न सामाजिक-आर्थिक वर्गों में डिजिटल भुगतान को अपनाने में महत्वपूर्ण और निरंतर वृद्धि हुई है। सर्वे में शामिल प्रतिभागियों के बीच यूपीआई (एकीकृत भुगतान इंटरफेस) सबसे पसंदीदा लेन-देन माध्यम बनकर उभरा। 57 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि वे लेन-देन में यूपीआई का उपयोग करते हैं, जो नकद लेन-देन (38 प्रतिशत) की तुलना में कहीं अधिक है।