MCX पर 18 फरवरी के दिन सोने और चांदी की कीमतें में बड़ी तेजी दर्ज हुई है। एक ही झटके में जहां चांदी 6000 रुपये उछली, जबकि सोना भी मजबूत बढ़त पर रहा। जानें ताजा रेट और बाजार की वजहें।
नई दिल्ली। भारत के सर्राफा बाजारों में बुधवार सुबह अचानक हलचल तेज हो गई। 18 फरवरी को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। खासकर चांदी ने तो एक ही झटके में करीब 6 हजार रुपये प्रति किलो की छलांग लगाकर निवेशकों और कारोबारियों को चौंका दिया। वहीं, सोना भी तेजी की राह पर रहा और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
MCX पर क्या रहा आज का भाव?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 2,082 रुपये यानी 1.38% की बढ़त के साथ 1,53,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, मार्च डिलीवरी वाली चांदी में और भी ज्यादा तेजी रही। इसकी कीमत 8,067 रुपये (3.53%) उछलकर 2,36,850 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह उछाल संकेत दे रहा है कि बाजार में एक बार फिर खरीदारी का रुख मजबूत हुआ है।
चांदी ने फिर दिखाई पुरानी चमक
चांदी के निवेशकों के लिए आज का दिन खास रहा। लंबे समय बाद इतनी बड़ी तेजी देखने को मिली। करीब छह हजार रुपये प्रति किलो की छलांग ने बाजार में हलचल मचा दी। विशेषज्ञों का कहना है कि इंडस्ट्री डिमांड में मजबूती और सप्लाई चेन में कमी ने कीमतों को सहारा दिया है। इसी वजह से चांदी अब अपने पुराने रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ती नजर आ रही है।
सोना-चांदी में तेजी की वजह क्या?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की रणनीतिक खरीदारी ने दामों को ऊपर धकेला है। हालांकि कुछ निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) भी जारी है, जिससे आगे कीमतों में हल्की अस्थिरता बनी रह सकती है।
शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए गहनों की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में खरीदार इस दुविधा में हैं कि अभी खरीदारी करें या कीमतों में संभावित गिरावट का इंतजार करें।
क्या रिकॉर्ड हाई की ओर बढ़ेंगे दाम?
फिलहाल सोना और चांदी अपने ऑल टाइम हाई से नीचे कारोबार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों को एंट्री का मौका नजर आ रहा है। लेकिन आज की तेज बढ़त ने यह संकेत जरूर दिया है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे तो कीमती धातुएं फिर नए रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ सकती हैं।
सलाहः निवेश से पहले बाजार की चाल, अंतरराष्ट्रीय संकेत और विशेषज्ञों की सलाह पर जरूर ध्यान देना चाहिए।