8वें वेतन आयोग और DA बढ़ोतरी पर बड़ा अपडेट। क्या केंद्रीय कर्मचारियों को 30% तक वेतन वृद्धि मिलेगी? जानिए पूरी डिटेल।
नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर इन दिनों एक ही चीज पर टिकी है 8वां वेतन आयोग। क्या इस बार सैलरी में 30% तक की बढ़ोतरी होगी? या उम्मीदें थोड़ी कम रखनी चाहिए? 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग का चक्र खत्म हो चुका है, और 1 जनवरी 2026 से नए संशोधन लागू होने की संभावना है। ऐसे में फरवरी 2026 करीब 1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अहम महीना बन गया है।
DA 60% पहुंचने की उम्मीद
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत श्रम ब्यूरो ने दिसंबर 2025 के लिए Labour Bureau द्वारा जारी अखिल भारतीय औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) को 148.2 पर स्थिर बताया है। नवंबर में इसमें 0.5 अंक और अक्टूबर में 0.4 अंक की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन दिसंबर में कोई बदलाव नहीं हुआ। फिलहाल महंगाई भत्ता (DA) 58% है। अनुमान है कि जनवरी 2026 से इसमें 2% की वृद्धि हो सकती है, जिससे यह 60% तक पहुंच जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि होली (4 मार्च) से पहले DA बढ़ोतरी की घोषणा हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो जनवरी और फरवरी का बकाया एकमुश्त मिल सकता है।
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया कहां तक पहुंची?
इस महीने की शुरुआत में 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की गई। सरकार ने मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारियों से सुझाव मांगे हैं। MyGov पोर्टल पर 18 सवालों वाली प्रश्नावली जारी की गई है। फीडबैक देने की अंतिम तारीख 16 मार्च 2026 तय की गई है। खास बात यह है कि केवल ऑनलाइन प्रतिक्रियाएं ही मान्य होंगी ईमेल या कागजी आवेदन पर विचार नहीं होगा।
30% वेतन वृद्धि का गणित क्या है?
अब सबसे बड़ा सवाल क्या सच में 30% तक सैलरी बढ़ेगी? चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 46,260 रुपये तक जा सकती है। इससे प्रभावी रूप से 30-34% तक वेतन वृद्धि संभव मानी जा रही है। हालांकि यह अभी अनुमान है। अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
बकाया वेतन भी मिलेगा?
चूंकि प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है, इसलिए कर्मचारी उस दिन से वास्तविक लागू होने की तारीख तक का एरियर पाने की उम्मीद कर सकते हैं। लेकिन खबरें यह भी हैं कि 8वें सीपीसी की सिफारिशें लागू होने में एक साल या उससे ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में एरियर की रकम बड़ी हो सकती है खासकर लेवल 1 से 5 के कर्मचारियों के लिए।