बलिया: लावारिश हालत में मिला नवजात, दम्पत्ति ने दिया जीवनदान

चाइल्डलाइन ने नवजात शिशु को सीक न्यू बोर्न केयर यूनिट बलिया में भर्ती कराने के बाद कोतवाली व न्याय पीठ बाल कल्याण समिति बलिया को अवगत कराया।

Update: 2021-05-07 13:33 GMT

बलिया: सतीश चंद्र कॉलेज के पीछे गेट के पास मैदान में शुक्रवार की सुबह एक नवजात बच्चा लावारिश हाल में मिला। बच्चे को मानवता के नाते नवजात बालक को एक दम्पत्ति उठाकर घर ले गया।

प्राथमिक उपचार के बाद दम्पत्ति ने कानूनी रूप से चाइल्ड लाइन बलिया की टीम मेंबर शाईन्दा परवीन को सुपुर्द कर दिया। चाइल्डलाइन ने नवजात शिशु को सीक न्यू बोर्न केयर यूनिट बलिया में भर्ती कराने के बाद कोतवाली व न्याय पीठ बाल कल्याण समिति बलिया को अवगत कराया।

शहर कोतवाली क्षेत्र के राजपूत नेवरी (भृगुआश्रम) निवासी गोपाल गोड़ शुक्रवार की सुबह पत्नी के साथ टहल रहे थे। सतीश चंद्र कॉलेज के पीछे गेट के पास मैदान से एक नवजात बच्चे की रोने की आवाज आई। दंपत्ति आगे बढ़े तो देखा कि एक नवजात शिशु नाले के पास पड़ा है। दम्पत्ति ने जोर-जोर से आवाज लगाई कि यह नवजात बालक किसका है ? कोई बताने को तैयार नहीं हुआ।

न्यायिक सदस्य राजू सिंह ने बताया कि नवजात के पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक जैविक माता पिता सरक्षण में प्राप्त करने के लिए न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत नहीं होते हैं तो किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत नवजात को शिशु गृह में प्रवेश कराया जाएगा। साथ ही बालक के फोटो के साथ संरक्षण में देने के लिए दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित कराया जाएगा।

अगर जैविक माता पिता समाचार पत्र में प्रकाशित होने के 1 माह के भीतर न्याय पीठ बाल कल्याण समिति के समक्ष सबूत के साथ उपस्थित नहीं होते हैं तो नवजात लड़का को गोद देने के लिए स्वतंत्र घोषित करने की कार्यवाही न्याय पीठ द्वारा कर दी जाएगी।

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