लखीमपुर खीरी में चर्च की शह पर मत परिवर्तन का नया मामला सामने आने से इलाके में हलचल मची हुई है। आरोप है कि गांव में आयोजित कार्यक्रम के जरिए 70 लोगों को इलाज कराने का झांसा देकर, साथ ही पैसे और जमीन का लालच देकर मत परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। यह तरीका गुपचुप तरीके से चलाया जा रहा था।
फूलबेहड़ क्षेत्र में जबरन मत परिवर्तन कराने के आरोप में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला सुरजीपुरवा गांव, रामनगर खुर्द ग्राम सभा से जुड़ा है। पीड़ित नितिन सैनी की तहरीर पर चार लोगों को नामजद किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
70 लोगों को निशाना बनाया गया
पीड़ित नितिन सैनी ने बताया कि वह लंबे समय से स्वास्थ्य लाभ के लिए गांव स्थित रामचन्दी के आवास पर जाते थे। 9 जनवरी 2026 को रामसहारे के बुलावे पर वह वहां पहुंचे, जहां ईसाई मिशनरियों द्वारा प्रार्थना सभा के नाम पर 70 से अधिक लोगों को एकत्र कर मत परिवर्तन कराया जा रहा था।
तहरीर के अनुसार, सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई और लोगों को हिंदू धर्म छोड़ने के लिए उकसाया गया। सभा समाप्त होने के बाद नितिन सैनी को 5 हजार रुपए नकद, राशन, दवाइयां, बाइबिल और क्रॉस चिन्ह देकर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया। उन्हें जमीन देने और देखभाल का आश्वासन भी दिया गया। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो उसे घेर लिया गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस को देखते ही पादरी सहित सभी आरोपी पीछे के दरवाजे से फरार हो गए।
पुलिस ने इस मामले में रामचन्दी, रामसहारे, विजयपाल और एक अज्ञात पादरी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 299 तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अमरोहा में बजरंग दल का हंगामा
चर्च में चल रही थी प्रार्थना सभा, पुलिस ने सभी को वापस भेजा
मंडी धनौरा कस्बे के शेरपुर चुंगी स्थित एक चर्च में मत परिवर्तन का मामला सामने आया है। रविवार को चर्च पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए मामले को शांत कराया।
बजरंग दल नेता हेमंत सारस्वत का आरोप है कि चर्च में हिंदू समाज के गरीब लोगों को बहला-फुसलाकर मत परिवर्तन कराया जा रहा था। वहां आने वाले लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज का झांसा और पैसों का लालच दिया जा रहा था।
हंगामे की सूचना मिलते ही धनौरा थाना प्रभारी निरीक्षक बालेंद्र कुमार मय फोर्स मौके पर पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल की। चर्च परिसर के अंदर और बाहर मौजूद लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस ने आक्रोशित बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया।
प्रभारी निरीक्षक बालेंद्र कुमार ने बताया कि मोहल्ला चामुंडा स्थित एक चर्च पर हंगामा होने की सूचना मिली थी। चर्च में कुछ लोग इकट्ठा थे और धार्मिक सभा का आयोजन चल रहा था। उन्हें घर वापस भेज दिया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच जारी है और शांति व्यवस्था भंग करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।