29 जनवरी को जया एकादशी, जानें मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व
जया एकादशी की क्या है कहानी? इस बार बन रहा है एक विशेष योग। जानें पूजा, व्रत और महत्व..
जया एकादशी गुरुवार, 29 जनवरी को है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस बार जया एकादशी के अवसर पर एक बेहद विशेष और शुभ योग बन रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जया एकादशी पर व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे जया एकादशी का मुहूर्त, व्रत का महत्व और इस दिन कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए।
जया एकादशी की कहानी-
धार्मिक पुराण के अनुसार, एक समय की बात है। देवराज इंद्र अप्सराओं और गंधर्वों के साथ सुंदरवन में भ्रमण करने गए। उसमें अप्सरा पुष्पवती और गंधर्व माल्यवान भी थे। पुष्पवती, माल्यवान को देखकर मोहित हो गई और माल्यवान भी पुष्पवती की सुंदरता देखकर मंत्रमुग्ध हो गया। कुछ समय बाद वे दोनों इंद्र को प्रसन्न करने के लिए नृत्य और गायन करने लगे। लेकिन वे एक-दूसरे के आकर्षण में बंधे हुए थे। देवराज इंद्र को पुष्पवती और माल्यवान की मन:स्थिति का आभास हो गया। उन्हें लगा कि वह दोनों उनका अपमान कर रहे हैं। जिसके बाद इंद्र देव ने पुष्पवती और गंधर्व माल्यवान को श्राप दे दिया कि उन्हें पिशाच की योनि मिले। जिसके बाद उन्हें काफी समय तक धरती पर कष्ट भोगने पड़े।
फिर कुछ समय के बाद माघ मास की जया एकादशी आई और दोनों ने भगवान विष्णु का व्रत रखा। पूरे विधि विधान से भगवान की पूजा की। जिसके कारण उन दोनों पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा हुई और वे पिशाच योनि से मुक्त होकर सुंदर शरीर प्राप्त कर स्वर्ग लौट गए।
जया एकादशी का मुहूर्त
आइए इसका शुभ मुहूर्त जान लेते हैं। भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार जया एकादशी का समय-
- 28 जनवरी शाम 4:34 बजे से शुरू होगा।
- 29 जनवरी को दोपहर 1:56 बजे समाप्त हो जायेगा।
क्योंकि हिंदू धर्म में सूर्य उदय के साथ व्रत रखा जाता है। इसलिए 29 जनवरी को जया एकादशी मनाई जायेगी। आइए इसका धार्मिक महत्व जान लेते हैं।
विशेष योग बन रहा है
इस दिन रवि योग बन रहा है। जिसका समय सुबह 07:11 बजे से शुरू होकर 07:31 बजे तक रहेगा। यानी केवल 20 मिनट तक ही रवि योग रहेगा।
जया एकादशी व्रत का महत्व
- जया एकादशी का व्रत रखने से पाप से मुक्ति मिलती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- इसका व्रत रखने से मानसिक शांति मिलेगी और घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
व्रत और पूजा की विधि
- जया एकादशी वाले दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें।
- घर में पीले वस्त्र पर चौकी रखकर विष्णु जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- सात्विक भोग जैसे फल, पंचामृत, फूल और तुलसी अर्पित करें।
- दिनभर केवल जल या फलाहारी भोजन करें।
- संध्या समय व्रत कथा सुनें और रात में संभव हो तो श्रीकृष्ण मंत्र का जाप करें।
- इस दिन पीपल या केले के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
एकादशी के दिन चावल और तामसिक भोजन न करें। घर की अच्छे से साफ-सफाई करें। स्वास्थ्य खराब होने पर व्रत न रखें, केवल व्रत के नियमों का पालन करें। जया एकादशी का व्रत विधिपूर्वक करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है।