मर्यादा भूले दिनेश गुर्जर मुख्यमंत्री को बोला 'भूखा नंगा', शिवराज ने किया पलटवार

Update: 2020-10-13 01:00 GMT

मुरैना। मध्यप्रदेश कांग्रेस किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश गुर्जर का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर दिया गया विवादित बयान कांग्रेस के लिए परेशानी का कारण बन गया है। दिनेश गुर्जर ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को भूखे नंगे परिवार का बताया है। वहीं कमलनाथ के लिए औद्योगिक घराने के होने के बावजूद सबका हित करने वाला बताया है। दिनेश गुर्जर का बयान आते ही जहां भाजपा आक्रामक हो गई है। वहीं कांग्रेस बचाव की मुद्रा में नजर आ रही है। कांग्रेस ने इस मामले में सफाई पेश करते हुए कहा है कि, दिनेश गुर्जर के बयान को तोड़- मरोड़ कर पेश किया गया है और अगर उन्होंने किसी गलत शब्द का उपयोग किया है, तो कांग्रेस उसका समर्थन नहीं करती है। दिनेश गुर्जर ने एक अपने बयान में कहा है कि, कमलनाथ भारत के नंबर 2 उद्योगपति हैं। शिवराज सिंह चौहान के भूखे नंगे परिवार से आते हैं। शिवराज के पास चंद एकड़ जमीन थी, लेकिन अब उनके पास हजारों एकड़ जमीन है। क्योंकि वे किसानों का खून पी रहे हैं। उनका यह बयान आते ही भाजपा, कांग्रेस पर हमलावर हो गई है और इसका राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने दिनेश गुर्जर के बयान को बताया कांग्रेस की मानसिकताइस मामले में मध्यप्रदेश भाजपा ने जहां ट्वीट कर कहा है कि, यही कांग्रेस की मानसिकता है, यही उनकी पीड़ा है और यही उनकी सोच है। एक किसान पुत्र कैसे किसी नामी उद्योगपति के सामने खड़ा हो सकता है। वो किसान पुत्र जो सिर्फ जनता के आगे झुकता है, जिसका जीवन ही जनता को समर्पित है, उसको लेकर कांग्रेस के के बयान से गुलाम मानसिकता का असली चेहरा सामने आ गया है।

मुख्यमंत्री का ट्वीट

इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करके कहा है कि, हां मैं भूखे नंगे परिवार से हूं, इसीलिए उनका दर्द समझता हूं। हां मैं गरीब हूं। इसलिए गरीब बेटे बेटियों का मामा बनके पढ़ाता हूं, गरीब हूं। इसीलिए गरीब मां बेटियों का कन्यादान करता हूं और हर गरीब का दर्द समझता हूं।

दिनेश गुर्जर के बयान पर कांग्रेस की सफाई

इस मामले में मध्यप्रदेश कांग्रेस ने सफाई देते हुए कहा है कि, दिनेश गुर्जर का बयान तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि, दिनेश गुर्जर कहना चाह रहे थे कि, कमलनाथ औद्योगिक घराने से आते हैं, उद्योगपति हैं, लेकिन जब वो मध्यप्रदेश आए, तो उन्होंने किसानों का दर्द समझा, गरीबों की योजना में शिवराज सरकार के समय से हो रहे भ्रष्टाचार को बंद किया। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि और वृद्धावस्था पेंशन को भी बढ़ाया। युवाओं के रोजगार और महिलाओं के सम्मान के लिए काम दिया। औद्योगिक घराने से आने के बाद उनकी सोच गरीब किसानों और आम आदमी के हित की सोच है।

कांग्रेस ने शिवराज पर साधा निधाना

कांग्रेस का कहना है कि, शिवराज सिंह गरीब और साधारण परिवार से हैं और खुद को किसान पुत्र बताते हैं, लेकिन उनके राज में किसानों के सीने में गोलियां दागी गई। यूरिया मांगने पर लाठियां मिली, जो खुद को किसान पुत्र बताते हैं, जिनके पास 5-5 एकड़ जमीन है, आज उनके आलीशान फार्म हाउस और डेयरी देख लें। आज वो हेलीकॉप्टर से घूमते हैं, गरीबों के नाम पर संबल योजना चलाई और सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार उसी में हुआ। गरीबों के बदले भाजपा नेताओं को फायदा मिला और भ्रष्टाचार किया।

भाजपा भी हुई हमलावर

दिनेश गुर्जर के बयान पर भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। भाजपा ने कहा कि, यही कांग्रेस की मानसिकता है, यही इनकी पीड़ा और यही इनकी सोच है। एक किसान पुत्र कैसे किसी नामी उद्योगपति के सामने खड़ा हो सकता है ? वो किसान पुत्र जो सिर्फ जनता के आगे झुकता हो, जिसका जीवन ही जनसेवा को समर्पित हो। गुलाम मानसिकता के कांग्रेसियों का असली चेहरा सामने आ गया है।

कौन हैं दिनेश गुर्जर ?

कांग्रेस नेता दिनेश गुर्जर ने मुरैना सीट दावेदारी पेश की थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। उनकी जगह राकेश मावई को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया गया है। मुरैना से राकेश के सामने भाजपा के रघुराज सिंह कंषाना खड़े हैं। 2018 के चुनाव में रघुराज सिंह कंषाना कांग्रेस प्रत्याशी थे, उन्होंने भाजपा के रुस्तम सिंह को 20 हजार 849 वोटों से हराया था। इस बार वे भाजपा से लड़ रहे हैं।

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