Monday, March 09, 2026

19 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होने जा रही है, जिसे हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। इस साल नवरात्र में लगभग 72 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है।

Editor Name: Swadesh News

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 20 मार्च तड़के 4:52 बजे तक रहेगी। खास बात यह है कि 19 मार्च को सूर्योदय अमावस्या तिथि में होगा, इसलिए घटस्थापना के समय अमावस्या का प्रभाव भी रहेगा।

ज्योतिषियों के मुताबिक इस दिन शुक्ल योग और ब्रह्म योग जैसे शुभ योग भी बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।

घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। पहला मुहूर्त सुबह 6:02 बजे से 7:43 बजे तक, जबकि दूसरा मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा।

नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ घटस्थापना होगी और नौ दिनों तक देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाएगी।

इस दौरान दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कुष्मांडा, पांचवें दिन मां स्कंदमाता और छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी।

सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें दिन मां महागौरी और नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है।

26 और 27 मार्च को अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजन के साथ नवरात्र का समापन होता है।

वहीं 28 मार्च को पारण तिथि मानी जाएगी, जब भक्त अपने व्रत का समापन करेंगे।