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भारत की अमूल्य धरोहर हैं कला, संगीत व साहित्य: तोमर

भारत की अमूल्य धरोहर हैं कला, संगीत व साहित्य: तोमर
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संगीत विश्वविद्यालय में पेंटिंग का अनावरण


ग्वालियर|
राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में संस्कृति संचालनालय म.प्र. शासन भोपाल के सहयोग से शनिवार को चित्रकार प्रो. एल.एन. भवसार द्वारा बनाई गई रिदम आॅफ डांस एण्ड म्यूजिक पेंटिंग का अनावरण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से संगीत विवि की कुलपति प्रो. लवली शर्मा भी उपस्थित थीं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि कला, संगीत एवं साहित्य विधाएं भारत की अमूल्य धरोहर हैं। श्री तोमर ने संगीत विवि की स्थापना को साकार रूप देने में स्व. शीतला सहाय के बहुमूल्य योगदान को याद किया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे अपने ज्ञान एवं निरंतर साधना द्वारा अपनी नवीन कलाओं को विस्तारित करें, साथ ही विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट कलाकार बनने के लिए उचित मागदर्शन दें।
इससे पहले अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात संगीत संकाय के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं कुलगीत की प्रस्तुति दी। पेंटिंग अनावरण के साथ ही चित्रकला विभाग में लगाई गई कला प्रदर्शनी का अवलोकन भी अतिथियों द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रो. भवसार ने पेंटिंग को 10 दिनों तक प्रतिदिन 12 घण्टे के अथक परिश्रम से तैयार किया है। पेंटिंग चौथी-पांचवीं शताब्दी काल की है, जो सुबंधु के शासनकाल से संबंध रखती है। अजंता बाघ की कलाकृतियों के समकालीन इस पेंटिंग में हल्लिसक नृत्य प्रकरण को दशार्या गया है। 51 इंच चौड़ी एवं 111 इंच लम्बी इस पेंटिंग को विश्वविद्यालय के भूतल पर प्रवेश द्वार की दीवार पर तैयार किया गया है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने एवं संयोजन डॉ. बलवंत सिंह भदौरिया ने किया। इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार शर्मा एवं प्रभारी कुलसचिव अजय शर्मा सहित समस्त विभागों के प्रभारी विभागाध्यक्ष, शिक्षक, संगतकार, छात्र-छात्राएं एवं नगर के कला रसिक उपस्थित थे।

Updated : 2018-03-25T05:30:00+05:30
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