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सीमेंट व डामर गायब, बाहर निकलने लगे सरिया

सीमेंट व डामर गायब, बाहर निकलने लगे सरिया

-छह महीने में उखड़ने लगी शिवपुरी लिंक रोड के घटिया निर्माण कार्य की परतें


ग्वालियर। ग्वालियर शहर को दोनों प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने वाली शिवपुरी लिंक रोड, जिसके लोकार्पण समारोह को अभी कुल छह माह ही पूरे हुए हैं, लेकिन इन दोनों ही सड़कों की गुणवत्ता की परतें उखड़ने लगी हैं। इन दोनों ही सड़कों पर जगह-जगह दरारें और सीमेंट उखड़ने से यह सड़कें खतरनाक हो चली हैं।

उल्लेखनीय है कि चौधरी ढाबा से विक्की फैक्ट्री तक (लम्बाई 7.94 किमी) और विक्की फैक्ट्री से मालवा कॉलेज (लम्बाई 6.60 किमी) तक सीसी सड़कों का निर्माण दो अलग-अलग निर्माण एजेंसियों के माध्यम से 111 करोड़, 6 लाख, 79 हजार रुपए की लागत से कराया गया है।

चौधरी ढाबा से विक्की फैक्ट्री तक की सड़क निर्माण का ठेका परिवर्तन कॉन्ट्रेक्टर ने एवं विक्की फैक्ट्री से मालवा कॉलेज तक की सड़क निर्माण का कार्य दिलीप विल्डकॉन ने किया है। इन दोनों ही सड़कों का लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह सहित स्थानीय मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों के आतिथ्य में 13 फरवरी 2017 को हुआ था।

दिलीप विल्डकॉन द्वारा बनाई गई विक्की फैक्ट्री से मालवा कॉलेज तक की सड़क तो लोकार्पण से पहले ही जर्जर हो चुकी थी। शिकायतें मिलने के बाद कई स्थानों पर इस सड़क को उखड़कर ठीक किया गया। हालांकि ठेकेदार द्वारा खराब गुणवत्ता के साथ किए गए इस निर्माण कार्य के कारण सड़क पर वाहन झूले की तरह हिलते दिखाई देते हैं। खास बात यह है कि इस सड़क के ज्यादतर हिस्से पर सीसी के ऊपर डामर की परत ही नहीं बिछाई गई है।

वहीं चौधरी ढाबा से विक्की फैक्ट्री तक की सड़क भी कई स्थानों पर जर्जर दिखाई देने लगी है। बेला की बावड़ी तिराहा पर आईपीएस कॉलेज के ठीक सामने एक स्थान पर इस सड़क से डामर और सीसी उखड़ चुकी है और सीसी के अंदर डाले गए सरिया बाहर निकल आए हैं। यहां से निकलने वाले वाहनों को सावधानी से निकलना पड़ रहा है वहीं तेज गति से निकलते कई वाहनों से यह सरिया टकरा रहे हैं। इसी प्रकार एक अन्य स्थान पर भी इसी प्रकार सड़क खुद चुकी है। सड़क पर कई स्थानों से डामर पूरी तरह से गायब हो चुका है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह दोनों ही सड़कें पांच साल की गारंटी अवधि की हैं, लेकिन छह महीने में ही यह सड़कें जर्जर हो जाने से लगता है कि अगले साढ़े चार साल तक संधारण के आधार पर ही इन सड़कों को जीवित रखा जाएगा।

इनका कहना है

बेला की बावड़ी वाले मार्ग की दो जगह पर पैनल खराब हुई है। ठेकेदार को इसे ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क पर जहां भी क्रेक हैं, उन पूरे पैनल को निकालकर फिर से काम कराया जाएगा। डामर एक स्थान पर खराब हुआ है, जिसे ठीक कराया जा रहा है।

ज्ञानवर्धन मिश्रा
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, खण्ड क्रमांक-1

Updated : 2017-09-01T05:30:00+05:30
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