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सामान समेट भागा झोलाछाप तब टीम पहुंची निरीक्षण करने

सामान समेट भागा झोलाछाप तब टीम पहुंची निरीक्षण करने
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और झोलाछाप चिकित्सकों की मिलीभगत

ग्वालियर/सुजान सिंह। शहर में झोलाछाप चिकित्सक खुलेआम गरीब मरीजों का इलाज कर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। इनकी दुकानों पर मरीजों की भीड़ के साथ दवाइयां तक उपलब्ध हैं। वे बगैर पर्ची के मरीजों को 10 से 20 रुपए लेकर औषधियां उपलब्ध करवा रहे हैं। इन झोलाछाप चिकित्सकों को प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और कानून किसी का खौफ भी नहीं है। शहर में ये झोलाछाप निचली बस्ती, गरीब तबके और कम पढ़े-लिखे लोगों के मोहल्लों में अपनी डॉक्टरी चला रहे हैं। जिसकी जानकारी सीएमएचओ से लेकर प्रशासन के अधिकारियों को भी है, लेकिन उसके बाद भी इन झोलाछाप पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। जिसका उदाहरण विगत दिवस ही सामने आया था, जिसमें घासमण्डी स्थित आरएमपी चिकित्सक डॉ. महेश शर्मा द्वारा किए गए उपचार के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। जिसका मामला थाने में भी दर्ज हुआ, लेकिन इस मामले के सामने आने के बाद भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्रवाई के लिए हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे, जिसका फायदा उठाकर डॉ. महेश शर्मा अपनी दुकान बंद कर सामान समेट भाग निकला। इस कारण शनिवार को जांच करने पहुंचे सीएमएचओ डॉ. एस.एस. जादौन को बंद मिली क्लीनिक से खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा। जिसके चलते अब स्वास्थ्य अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि सीएमएचओ तीन दिन तक नींद में ही क्यों बने रहे और जब डॉ. महेश शर्मा अपनी क्लीनिक पर ताला डाल कर निकल गया तभी सीएमएचओ को कार्रवाई की याद क्यों आई। वहीं अब इस मामले में सीएमएचओ प्रशासन की सहायता लेने की बात कर रहे हंै।

-पहले की स्थिति

नोटिस की आड़ में कर रहे सांठगांठ

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डॉ. जादौन ने सीएमएचओ बनते ही शहर में कई अवैध क्लीनिकों पर छापेमार कार्रवाई की थी, जिसमें से कई को नोटिस भी जारी किए गए थे। लेकिन नोटिस के बाद सभी को सीएमएचओ कार्यालय में बुलाया गया जहां स्वास्थ्य अधिकारियों ने झोलाछाप चिकित्सकों से सांठगांठ कर उन्हें लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का लाइसेंस थमा दिया। जिसका एक उदाहरण गोल पहाड़िया पर अवैध रूप से चल रही डॉ. सुरेन्द्र कुशवाह की क्लीनिक है। जिसकी जानकारी होने के बाद भी आज दिन तक उसे बंद नहीं कराया जा सका।

हर रोग का उपचार करने का करते हैं दावा

मेडिकल साइंस और दवा के बारे में कोई जानकारी न होने के बावजूद झोलाछाप चिकित्सक हर रोग का शर्तिया इलाज करने का दावा करते नहीं थकते। इनसे इलाज कराने वाले लोगों को फायदा तो नहीं होता, बल्कि उनका रोग और बढ़ जाता है। कई बार जान पर बन आती है। कुछ ऐसे झोलाछाप चिकित्सक भी हैं, जो बड़े चिकित्सकों के नसर््िंाग होम में कुछ दिन कंपाउंडरी करने के बाद अब स्वयं का क्लीनिक चला रहे हैं।

इनका कहना है

सीएमएचओ द्वारा संबधित के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई ,मंै इसकी जानकारी लेता हूं ।

राहुल जैन,
जिलाधीश , ग्वालियर

Updated : 2017-07-15T05:30:00+05:30
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