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भाषा अपने साथ पूरी संस्कृति को जोड़कर चलती है: डॉ. टण्डन

भाषा अपने साथ पूरी संस्कृति को जोड़कर चलती है: डॉ. टण्डन
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माधव महाविद्यालय में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित
लक्ष्य सिद्धि के लिए भाषा को पूरा सम्मान व विश्वास देना जरूरी: डॉ. शर्मा
पुस्तकों का भी हुआ विमोचन
ग्वालियर
| भाषा अपने साथ पूरी संस्कृति को जोड़कर चलती है, हमें भाषा के संस्कारों से भी जुड़ना चाहिए। यह बात मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के आचार्य डॉ. पूरन चन्द टण्डन ने माधव महाविद्यालय में मंगलवार को हिन्दी में रोजगार की संभावनाएं एवं प्रयोजनीयता विषय पर आयोजित हुई एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में कही।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जीवाजी विवि की हिन्दी अध्ययन मण्डल की अधिष्ठाता डॉ. राजरानी शर्मा एवं मुख्य वक्ता रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली के सह आचार्य डॉ. प्रणव शास्त्री उपस्थित थे। जबकि अध्यक्षता पूर्व अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. राधा बल्लभ शर्मा ने की। डॉ. टण्डन ने कहा कि हिन्दी भाषा को हमें उद्देश्यपूर्ण बनाना होगा तभी उसकी प्रयोजनीयता की कसौटी पर कसा जा सकता है। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित करते हुए स्वागत गीत प्रो. प्रतीक्षा शिंदे ने प्रस्तुत किया। तत्पश्चात् अतिथियों का स्वागत प्रभारी प्राचार्य डॉ. मनोज चतुर्वेदी एवं क्रीड़ा अधिकारी डॉ. के.के. कल्याणकर द्वारा किया गया। इसके बाद आयोजन सचिव डॉ. शिवकुमार शर्मा ने अतिथि परिचय दिया। कार्यक्रम में मुख्यवक्ता डॉ. शास्त्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि भाषा संवेदनाओं की जननी होती है और हिन्दी एक संवेदनशील भाषा है, हिन्दी के क्षेत्र में आज रोजगार की अपार सम्भावनाएं हैं। तत्पश्चात् अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. शर्मा ने कहा अपने अंदर अद्भुत ग्रहणशीलता होती है, आज जरूरत आधुनिक हिन्दी के लिए तकनीकि को आत्मसात करने की है। हमें लक्ष्य सिद्धि के लिए हिन्दी भाषा को पूरा मान-सम्मान और विश्वास देना होगा।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र का संचालन हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार शर्मा ने व आभार प्रभारी प्राचार्य डॉ. चतुर्वेदी ने व्यक्त किया। जबकि दूसरे सत्र में डॉ. रूक्मणी तिवारी, डॉ. लखनलाल खरे, डॉ. श्याम स्नेही लाल शर्मा, डॉ. पद्मा शर्मा, डॉ. ए.के. उपाध्याय, डॉ. अलका मौर्य आदि का सम्बोधन हुआ। इस सत्र का संचालन सहा. प्राध्यापक डॉ. मंदाकिनी शर्मा ने किया व आभार प्रदर्शन डॉ. सरिता दीक्षित द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. अन्नपूर्णा भदौरिया, डॉ. इला शुक्ला, डॉ. रचना दीक्षित, डॉ. कल्पना भदौरिया, डॉ. रमा दीक्षित, डॉ. ज्योति उपाध्याय, डॉ. राजेन्द्र वैद्य, डॉ. इजराइल खान सहित अन्य शोध छात्र -छात्रा उपस्थित थे।

अतिथियों को किया साहित्य भूषण से सम्मानित
कार्यशाला में महाविद्यालय शासी निकाय अध्यक्ष डॉ. आर.एस. शर्मा एवं प्रभारी प्राचार्य डॉ. चतुर्वेदी द्वारा उपस्थित अतिथियों को शॉल-श्रीफल, स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र भेंट कर साहित्य भूषण से सम्मानित किया गया, साथ ही डॉ. शैलेन्द्र मोहिते की शोधायन व डॉ. उपेन्द्र विश्वास की रिसर्च लाइन नामक शोध पत्रिकाओं के नवीन अंकों का विमोचन किया गया।

Updated : 2017-02-15T05:30:00+05:30
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