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मणिशंकर के बयान पर बोले मोदी - ‘भले ही नीच हूं लेकिन काम ऊंचा करने में विश्वास करता हूं’

मणिशंकर के बयान पर बोले मोदी - ‘भले ही नीच हूं लेकिन काम ऊंचा करने में विश्वास करता हूं’
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा उन्हें ‘नीच’ और ‘असभ्य’ कहे जाने पर तीखी टिप्पणी करते हुए गुरुवार को कहा कि, ‘मुझे अपने नीच जाति के होने पर गर्व है। मैं भले ही नीच या नीची जाति का हूं लेकिन काम ऊंचा करने में विश्वास करता हूं।’

श्री मोदी ने गुजरात में सूरत की एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने वंचित जातियों, गुजरात और गुजरात की संतान का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता मुगलिया और सल्तनती मानसिकता का शिकार हैं औऱ हताशा में हर प्रकार के अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने गुजरात के मतदाताओं से अपील की कि वे कांग्रेस नेताओं के इस प्रकार के असभ्य आचरण का विरोध उन्हीं की भाषा में नहीं करें, बल्कि 9 और 14 दिसंबर को होने वाले मतदान के जरिए उन्हें मुंहतोड़ जवाब दें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले अनेक वर्षों से कांग्रेस के नेता उनके खिलाफ गालीगलौज की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। कभी उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहा गया तो कभी ‘गधा’ और ‘नाली का कीड़ा’। उन्होंने कहा कि यह उनके संस्कार में नही है कि वह इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियों का जवाब इसी भाषा में दें। उन्होंने कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उस समय उन्हें जेल भेजने की साजिश रची गई और अनेक प्रकार के जुल्म किए गए। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने किसी के खिलाफ बदले की भावना से कोई कार्रवाई नही की।

श्री मोदी ने देशवासियों विशेषकर गुजरात के लोगों और समर्थकों से आग्रह किया कि वे मणिशंकर अय्यर के अपशब्दों के खिलाफ किसी प्रकार का कोई विरोध न करें। ट्वीटर सहित सोशल मीडिया पर अय्यर के खिलाफ कोई टिप्पणी न करें। हम भारतीय मान मर्यादा और संस्कार की भाषा ही बोलते हैं यह हमारे संस्कार में नही है कि हम गाली का जवाब उसी तर्ज पर दें। श्री मोदी ने भावपूर्ण शब्दों में मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान के जरिए कांग्रेस को माकूल जवाब दें और गुजरात के अपमान का बदला लें। श्री मोदी रोष औऱ भावनात्मक उद्वेग में कुछ मिनट के लिए चुप हो गए तथा जनसमूह ने मोदी-मोदी के नारे लगाकर उनके प्रति समर्थन व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने ऊंच-नीच की मानसिकता को मुगलिया और विदेशी तहजीब का नतीजा बताते हुए कहा कि एक समय था कि वंचित जाति के लोगों को घोड़े पर चढ़ने औऱ साफ सुथरा कपड़ा पहनने से भी रोका जाता था। कांग्रेस के नेता आजतक इसी मुगलिया और सल्तनती मानसिकता में जी रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री द्वारा गांधी-नेहरू परिवार पर बाबा साहब अंबेडकर की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाने पर श्री मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। श्री अय्यर ने प्रधानमंत्री के लिए असभ्य औऱ नीच किस्म का व्यक्ति जैसे अपशब्दों का प्रयोग किया था।
मोदी ने श्री अय्यर की इस टिप्पणी पर कहा कि इन अपशब्दों का प्रयोग उस व्यक्ति ने किया है जो उच्च शिक्षा प्राप्त है, भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी के रूप में राजदूत रह चुका है तथा मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री भी था। ऐसी पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी मान मर्यादा का ध्यान रखे बिना गाली गलौज की भाषा का प्रयोग कर रहा है।

Updated : 2017-12-07T05:30:00+05:30
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