Top
Home > Archived > हमें अच्छे नहीं, सच्चे दिन चाहिए: सिंधिया

हमें अच्छे नहीं, सच्चे दिन चाहिए: सिंधिया

हमें अच्छे नहीं, सच्चे दिन चाहिए: सिंधिया

-रात के अंधेरे में छाया की तरह आया और तूफान मचा गया
ग्वालियर/ विशेष प्रतिनिधि। पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज देश में नोटबंदी के एक साल पूर्ण होने पर हेमू कालानी चौक पर आयोजित जनाक्रोश सभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जमकर आडे हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 70 साल के इतिहास में इस दिन को हमेशा काला दिवस के रूप में जाना जाएगा, इस निर्णय से देश के 125 करोड़ लोगों की पीठ तोड़ने का काम किया है। हमें अच्छे दिन नहीं सच्चे दिन चाहिए। महाराज बाड़ा से लगे हेमू कालानी चौक पर आयोजित सभा में श्री सिंधिया ने लगभग 25 मिनिट के भाषण में 23 से 24 मिनिट सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी और जीएसटी के दुष्पारिणाम गिनाए, जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को सिर्फ भावांतर योजना के एक मात्र बिन्दू पर कोसा। उन्होंने कहा कि 8 नवम्बर को एक शख्स मित्रों.....मित्रों कहकर टीवी चैनलों पर आया उसने अपने कैबीनेट मंत्रियों को एक कमरे में कैद कर ताला डलवा दिया और उनके मोबाइल अपने पास रख लिए, तत्कालीन गर्वनर रघुरमन को दरकिनार कर दिया, चार घण्टे का भाषण देकर अंधेरी रात में नोटबंदी लागू कर दी। यह तो उस कोल्ड डिंÑक के विज्ञापन की तरह हो गया कि-चलों आज कुछ तूफानी करते हैं। श्री सिंधिया ने कहा कि देश और प्रदेश में मोदी और शिवराज नई इबारत लिख रहे हैं, जिससे जनता बुरी तरह त्रस्त है। इनके राज में चोर एवं भ्रष्टाचारी लगातार पनप रहे है, पेट्रोल-डीजल एवं जमीन पर जानबूझकर जीएसटी नहीं लगाया। तीन साल में किसानों ने सर्वाधिक आत्महत्या की हैं, क्या यही अच्छे दिन है, किसान, बैंक, व्यापारी सभी परेशान है यह चोट सीधी जनता पर है। नोटबंदी के बाद कोई भाजपा नेता, मंत्री या करोड़पति लाइनों में खडेÞ दिखाई नहीं दिए, इससे समझा जा सकता है कि काला धन किसके पास है। आरबीआई सम्मानित संस्था है, लेकिन उसका सम्मान मिट्टी में मिला दिया गया। श्री सिंधिया ने कहा कि एटीएम का मतलब एनी टाइम मनी है, लेकिन अब इसका नामकरण-आएगा तभी मिलेगा कर दिया। उन्होंने कहा कि दो हजार के नोटों के साथ भाजपा नेता पकडेÞ गए, आतंकवादियों की जेब से भी नए नोट मिले, क्या इससे आतंकवाद मिट गया। चीन और पाकिस्तान से जो हालात है उसमें कथनी-करनी नजर आ गई है। इस नोटबंदी ने महिलाओं की जीवनभर की बचत को राख में बदल दिया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की जोड़ी एक जून को जीएसटी के रूप में आई, यह तो गब्बर सिंह टैक्स है। मोदी जी एक देश एक टैक्स नहीं एक साथ पांच टैक्स लाए हैं, जबकि कांगे्रस इसे अधिकतम 18 फीसदी के रूप में लाने वाली थी। जनता अब यह सोचने को मजबूर है कि-कमल का फूल हमारी भूल। श्री सिंधिया ने आव्हान किया कि आने वाले वर्ष 2018 एवं 2019 के चुनावों में आप लोग सोनिया-राहुल के हाथ मजबूत कर कांगे्रस को लाएं।

यह कैसा काला दिन?

नोटबंदी के दिन को कांगे्रस काला दिन कह और मना रही है, लेकिन आज रेलवे स्टेशन से महल और फिर महाराज बाड़ा क्षेत्र में कांगे्रसियों ने तमाम होर्डिंग, पोस्टर बेनर आदि श्री सिंधिया के स्वागत में लगाए। फूलमालाएं लिए कार्यकर्ता घूमते रहे, कहीं बैंण्डबाजे बज रहे थे, फटाखे चल रहे थे। क्या यहीं काला दिन था तो इस जलवे-जुलूस को क्या कहेंगे।

जब मंच हिल उठा

श्री सिंधिया के आगमन से पूर्व ही मंच पर इतने कांगे्रस नेता चढ़ गए कि वह हिलने लगा, लेकिन कोई किसी की सुनने को तैयार नहीं था। तब स्वयं सिंधिया ने डांट डपटकर कांगे्रस नेताओं को मंच से उतारा। इतना ही नहीं मंच के नीचे नारेबाजी और धक्का-मुक्की कर रहे कांगे्रस कार्यकर्ताओं को समझाने श्री सिंधिया को बार-बार हाथ जोड़ना पड़े।

हेमंत ने सिंधिया को प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाया

मंच से सर्वश्री अशोक सिंह, रमेश अग्रवाल, विधायक इमरती देवी, हेमंत कटारे, गोविन्द सिंह राजपूत, आदि ने भी संबोधित किया। नए-नए विधायक बने कटारे कह गए कि श्री सिंधिया इतने लोकप्रिय हैं कि वे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनेंगे। मंच पर तमाम मामलों में आरोपी और हाल ही में झांसी जेल से छूटकर आए साहब सिंह गुर्जर भी सीट घेरकर डटे हुए थे।

शहीद हेमू कालानी के चेहरे पर ताना तंबू

सभा के लिए कांगे्रस ने जो स्थान चुना और तम्बू ताना वह शहीद हेमू कालानी प्रतिमा के चेहरे के ठीक सामने था, जिस पर कुछ लोगों ने विरोध किया तो तुरंत उनकी प्रतिमा पर माला पहना दी गई और श्री सिंधिया के आगमन पर उनसे भी माल्यार्पण करा दिया गया।

नजर आए दिग्गी समर्थक

सभा स्थल पर तो सिंधिया समर्थकों का जमावड़ा था, लेकिन इस दौरान दिग्विजय समर्थक वासुदेव शर्मा, बृजमोहन परिहार एवं दुष्यंत साहनी भी वहां दिखाई दिए। श्री साहनी ने मंच के पोस्टर पर दिग्विजय सिंह एवं कमलनाथ के फोटो न लगाने पर आपत्ति दर्ज कराई।

Updated : 2017-11-09T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top