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अमिताभ बच्चन के अवैध निर्माण को एमआरटीपी ने जारी किया नोटिस

अमिताभ बच्चन के अवैध निर्माण को एमआरटीपी ने जारी किया नोटिस

मुंबई। अभिनेता अमिताभ बच्चन के अवैध निर्माण को लेकर मनपा प्रशासन द्वारा एमआरटीपी की नोटिस जारी करने के बाद बच्चन के आर्किटेक्ट ने इमारत प्रस्ताव विभाग के पास संशोधित प्लान मंजूर करने के लिए भेजा था। परंतु मनपा ने इसे मंजूरी नहीं दी। यह जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को मनपा द्वारा उपल्बध कराई गई है।

अनिल गलगली ने मनपा के पी दक्षिण कार्यालय से अमिताभ बच्चन और अन्य लोगों को एमआरटीपी के तहत जारी की गई नोटिस की जानकारी मांगी थी। पी दक्षिण मनपा कार्यालय ने अनिल गलगली को यह जानकारी दी कि अमिताभ बच्चन, राजकुमार हिरानी, ओबेरॉय रियालिटी, पंकज बलानी, हरेश खंडेलवाल, संजय व्यास और हरेश जगतानी इन 7 लोगों को मंजूर प्लान के अनुसार जांच में पाई गई अनियमितता को पूर्ववत करने के लिए एमआरटीपी की नोटिस 7 दिसंबर 2016 को जारी की गई थी। नोटिस जारी करने के पहले पी दक्षिण विभाग ने स्थान की जांच में विंग क्रमांक-2,3,5 और 6 का इस्तेमाल न होने और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट के सर्च मंजूर प्लान के अनुसार भीतरी निर्माण न करने, लिफ्ट न लगाने, कोई भी भीतरी काम जैसे ग्राउंड और सीढिय़ों पर टाइल्स न लगाने, दीवार के अंदर नेरू आदि न लगाने, सीढिय़ों को सुरक्षा जाली न बैठाना और कार्नर दीवार का निर्माण न करना,निर्माण के दौरान इलेवेशन प्रोजेक्शन स्लैब लेवेलसे न बनाना और बाहरी दिशा में खिड़की लगाकर उसे अंदर करना, बेसमेंट का निर्माण मंजूर प्लान के अनुसार न होने जैसी अनियमितता को पाया।

एमआरपीटी की नोटिस के बाद आर्किटेक्ट शंशाक कोकिल द्वारा 5 जनवरी 2017 को पेश किए गया प्रस्ताव 17 मार्च 2017 को इमारत व प्रस्ताव विभाग ने नामंजूर कर दिया। इसे लेकर इमारत व प्रस्ताव विभाग ने 11 अप्रैल 2017 को पी दक्षिण कार्यालय को अधिकृत तौर पर जानकारी देते ही 6 मई 2017 को पी दक्षिण विभाग ने अंतिम आदेश जारी कर अवैध निर्माणों को तोडऩे की हिदायत दी। इसके बाद आर्किटेक्ट ने दोबारा प्रस्ताव पेश किया। 12 सितंबर 2017 को दोबारा पी दक्षिण कार्यालय ने इमारत व प्रस्ताव विभाग को पत्र भेजकर अपरोक्ष तौर पर आरोप लगाया कि निर्माण के नियमितकरण को लेकर सही जानकारी दें क्योंकि इसके चलते उनके कार्यालय के खिलाफ एमआरटीपी कानून के तहत आगे कार्रवाई करना संभव नहीं है।

दूसरी तरफ अनिल गलगली ने इस सबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मनपा आयुक्त अजोय मेहता को पत्र भेजकर तुरंत एमआरटीपी कानून के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को तोडऩे की मांग की है।

Updated : 2017-10-25T05:30:00+05:30
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