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भाजपा के स्तंभ थे श्याम बिहारी मिश्रा: मुख्यमंत्री

भाजपा के स्तंभ थे श्याम बिहारी मिश्रा: मुख्यमंत्री
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ग्वालियर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्याम बिहारी मिश्रा के निवास पर जाकर शोक संतप्त परिवार से कहा कि श्री मिश्रा के निधन से भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर क्षति हुई है। वह पार्टी के संस्थापकों में से एक थे। श्री चौहान ने बताया कि वह नैतिक व्यक्ति थे। विधि जगत के वह पितामह थे। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से ये भी कहा कि भाजपा में जो अविस्मरणीय कार्य श्री मिश्रा ने किए थे, वह आप भी करें ताकि उनका अनुसरण किया जा सके। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा नंदकुमार सिंह चौहान, सांसद प्रभात झा,जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी इस शोक की घड़ी में उनके निवास पर जाकर परिवार को संबल प्रदान किया।

शुरु से ही जुड़े थे जनसंघ और भाजपा से:- स्व.श्याम बिहारी मिश्रा शुरू से ही जनसंघ और भाजपा से जुड़े रहे । वे नगर निगम में कई बार पार्षद भी रहे। उनका जन्म 5 फरवरी 1935 को ग्वालियर में हुआ। उन्होंने बीकॉम,एलएलबी,एलएसजीडी मुंबई से शिक्षा प्राप्त की थी। उनके दो पुत्र डॉ.प्रदीप मिश्रा,जय प्रकाश मिश्रा हैं। वे नगर-निगम स्टेडिंग कमेटी के दो बार अध्यक्ष ,सरकारी अधिवक्ता,सदस्य, स्टेट बॉर कॉउसिंल,अध्यक्ष एमपी हाइकोर्ट बॉर एसोसिएशन ग्वालियर ,सचिव, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय,सचिव,जिला बार कॉउसिंल और कई सरकारी और निजी संस्था के अध्यक्ष और सचिव भी रहे।

चाचा के नाम से प्रसिद्ध थे:- न्यायालय में श्यामबिहारी मिश्रा चाचा के नाम से प्रसिद्ध थे। श्री मिश्रा की जीवटता उनके सरल स्वभाव से साफ झलकती थी। उन्हें विधि का ज्ञानी कहा जाता था। श्री मिश्रा ने जीवन पर्यन्त अधिवक्ता और उनके अधिकारों की बात कही। नए अधिवक्ता और उनकी सुविधाओं के लिए हमेशा पहल की। उनके निधन की सूचना जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय में पहुंचने पर अधिवक्ताओं में शोक की लहर फैल गई। उल्लेखनीय है कि स्व. श्याम बिहारी मिश्रा उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा के चाचा भी हैं।

निधन पर शोक संवेदना व्यक्त

न्यायप्रिय श्री मिश्रा का निधन बड़ी क्षति : शेजवलकर:- महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ने पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता श्याम बिहारी मिश्रा के निधन पर गहन शोक व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायप्रिय एवं कानून के ज्ञाता श्री मिश्रा का निधन ग्वालियर के लिए बड़ी क्षति है तथा उनके द्वारा नियम व कानून का पालन करने का जो पाठ हमें सिखाया गया है, वह हमारे लिए बड़ी सीख है। श्री मिश्रा के निवास पर पंहुचकर श्री शेजवलकर ने गहरा शोक व्यक्त किया।
अपने आदेश पर अडिग रहने वाले व्यक्ति : जादौन:- पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं वर्ष 1983 में नगर निगम की स्टेन्डिंग कमेटी के चेयरमैन रहे वरिष्ठ अभिभाषक श्याम बिहारी मिश्रा के निधन को अपूर्णनीय क्षति बताते हुए नगर निगम के पूर्व सभापति बृजेन्द्र सिंह जादौन ने कहा कि हमने श्री मिश्रा के नेतृत्व में पार्षद के रूप में कार्य किया है। श्री मिश्रा कर्मठ - ईमानदार एवं अपने आदेश पर अडिग रहने वाले व्यक्ति थे।उन्होंने हम सबको मेहनत व ईमानदारी की परिभाषा सिखाई। उनके निधन से हम जैसे कार्यकर्ताओं को काफी नुकसान हुआ है।
कानून का पालन करने की सीख दी : बघेल:-निगम के पूर्व सभापति गंगाराम बघेल ने कहा कि वरिष्ठ अभिभाषक श्याम बिहारी मिश्रा का निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है तथा मैं उनका हमेशा ऋणी रहूंगा, क्योंकि नगर निगम में सभापति रहते हुए जब भी मुझे कोई समस्या आई तो मैं उनकी सलाह लेने गया और हमेशा उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया तथा कानून का पालन करने की सीख दी।

नियम से करते थे काम : राजपूत:- जीडीए के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र सिंह राजपूत ने श्री मिश्रा के निधन को बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि जनसंघ के समय निगम में स्टेन्डिंग कमेटी के चेयरमैन रहे श्री मिश्रा पार्टी की सीमा में रहकर नियम व कानून का पालन करने वाले व्यक्ति थे। वे सुनते तो सबकी थे, लेकिन करते वही थे जो नियम कानून के अनुसार सही होता था। इसी कारण उनका कोई भी कभी दुरुपयोग नहीं कर सका।

बड़े सामाजिक कार्यकर्ता थे श्री मिश्रा : यादव:-पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव ने पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री मिश्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्री मिश्रा के निधन को राजनैतिक, कानून एवं समाजसेवा के क्षेत्र में अपूर्णनीय क्षति बताया। श्री यादव ने कहा कि श्री मिश्रा बहुत बड़े सामाजिक कार्यकर्ता थे तथा उन्होंने राजनैतिक एवं कानून के क्षेत्र में काफी लम्बे समय तक कार्य किया।

मैने अपना मार्ग दर्शक खो दिया: कोटिया :- पूर्व महाधिवक्ता श्यामबिहारी मिश्रा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए पूर्व वरिष्ठ पार्षद मोहन सिंह कोटिया ने कहा कि श्यामबिहारी जी से मेरा प्रत्यक्ष सम्बन्ध सन् 1984 में नगर निगम ग्वालियर की निर्वाचित परिषद के गठन के साथ हुआ। वह निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष बने। श्री मिश्रा जी के निधन से मैंने अपना अंतिम मार्गदर्शक खो दिया है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोक संतप्त परिवार को दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

Updated : 2016-09-30T05:30:00+05:30
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