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भाजपा में शामिल हुए बसपा के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद मौर्य

भाजपा में शामिल हुए बसपा के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद मौर्य
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भाजपा में शामिल हुए बसपा के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद मौर्य


नई दिल्ली| कभी बहुजन समाज पार्टी के कद्दावर नेता रहे स्वामी प्रसाद मौर्य आज बीजेपी के हो गये। उन्होंने आज बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के सामने पार्टी की सदस्यता ली। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने उनका स्वागत किया साथ ही अमित शाह ने भी उनका स्वागत किया।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा यह कहते हुए छोड़ दी थी कि मायावती दलितों के नाम पर राजनीति तो करती हैं, लेकिन उन्हें दलितों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने मायावती पर टिकट की खरीद-फरोख्त का भी आरोप लगाया था।

हालांकि उनके पार्टी छोड़कर जाने के बाद मायावती ने यह कहा था कि अच्छा हुआ वे खुद ही चले गये। मैं उन्हें पार्टी से निकालने वाली थी, उनके खिलाफ कई शिकायतें आ रहीं थीं। स्वामी भाजपा के साथ आयेंगे इसके संकेत तभी मिल गये थे जब उन्होंने दो अगस्त को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी।

स्वामी प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश के मजबूत नेता हैं, उनका अपना एक वोट बैंक है, जो इस बात से दुखी है कि मायावती ने स्वामी का सम्मान नहीं किया। स्वामी पडरौना विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, वे चार बार विधायक रह चुके हैं।

इस मौके पर बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि उनके पार्टी में आने से बीजेपी मजबूत होगी और प्रदेश सपा-बसपा मुक्त हो जाएगा।

गौरतलब है कि 22 जून को मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगते हुए मौर्य ने बीएसपी से इस्तीफा दे दिया था। मौर्या ने कहा था कि मायावती ने अम्बेडकर और कांशीराम के सपनों को रौंदकर टिकट बेचने के व्यापार में जुटी हैं।

इसके बाद मायावती ने भी आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस कर मौर्या को स्वार्थी बताया। उन्होंने कहा कि मौर्या अपने बेटे और बेटी के लिए टिकट मांग रहे थे. मन करने पर उन्होंने यह झूठे आरोप लगाए हैं।

बीएसपी छोड़ने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने सबसे पहले अपनी पार्टी बनाने पर विचार किया था, और बीजेपी के साथ गठबंधन कर अपना दल की तरह यूपी विधानसभा चुनाव में जाने का प्लान बनाया था।

मौर्य ने कांग्रेस और समाजवादी से भी संपर्क किया था, लेकिन बात नहीं बनी। उसके बाद उन्होंने आरएलएसपी अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा के साथ यूपी चुनाव में जाने का मन बनाया था, लेकिन उपेन्द्र कुशवाहा ने बीजेपी के दबाव में अपना हाथ वापस खींच लिया। इसके बाद स्वामी प्रसाद मौर्य के पास बीजेपी में शामिल होना ही एकमात्र विकल्प बचा था।

Updated : 2016-08-08T05:30:00+05:30
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