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देवभूमि से महाकाल की नगरी तक शिवमय हुआ भारत

देवभूमि से महाकाल की नगरी तक शिवमय हुआ भारत
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देवभूमि से महाकाल की नगरी तक शिवमय हुआ भारत


अक्षय तृतीय के पावन अवसर पर देवभूमि स्थित जहां गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के कपाट खुलने के साथ गढवाल हिमालय की प्रसिद्ध सालाना चारधाम यात्रा शुरू हो गई है , वहीं दूसरी और महाकाल की नगरी के नाम से विख्यात उज्जैन में एक माह तक चलने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले का दूसरा शाही स्नान आज तड़के शुरू हो गया। आस्था की महिमा से परिपूर्ण मई माह में भले ही भोले बाबा ने अपने भक्तों की कड़ी परीक्षा ली हो लेकिन भक्तों में उत्साह और आस्था की लेश मात्र की भी कमी देखने को नहीं मिल रही , चाहे भौगोलिक विपदा हो या प्रकृति का प्रकोप, श्रद्धालु अपने भोलेनाथ के दर्शन करने सहर्ष ही पहुँच रहे हैं । कहना उचित होगा कि डर पर आस्था पूर्ण तरह भारी पड़ रही है।

अगर देवभूमि की बात करें तो सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार उत्तरकाशी जिले में दस हजार फीट से अधिक उंचाई पर स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर तथा रूद्रप्रयाग जिले में 11 हजार फीट की उंचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट आज से खुल गए हैं । सर्दियों में छह माह तक बंद रहने के बाद इन धामों के कपाटों को श्रद्धालुओं के लिये खोला गया है। दूसरी ओर उज्जैन में एक माह तक चलने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले का दूसरा शाही स्नान भी आज तड़के शुरू हो गया है। इस शाही स्नान की शुरूआत करते हुए जूना अखाड़ा के नागा बाबाओं ने हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए पवित्र शिप्रा नदी में प्रवेश किया। सूर्योदय के पहले से लेकर दोपहर बारह बजे तक साधुओं की शाही डुबकी के लिए रामघाट को तैयार किया गया। स्नान में हिस्सा लेने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब यहां उमड़ा हुआ है। यह स्नान अक्षय तृतीया के साथ पड़ने की वजह से और भी अधिक शुभ माना जा रहा है। सरकार के अनुसार, दूसरे स्नान के लिए लगभग 25 लाख श्रद्धालु इस प्राचीन शहर में आए हैं।

स्नान की शुरूआत जूना अखड़ा के पुजारी हरि गिरी द्वारा रामघाट पर पूजा अर्चना के साथ की गई। सिंहस्थ मेले में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लोग इस पवित्र शहर में पधारे हैं। परम्पराओं अनुसार आस्था के इस दिव्य सैलाब का आयोजन हर बारह वर्ष बाद किया जाता है जो महाकुंभ भी कहलाता है, महांकालेश्वर की नगरी के नाम से विख्यात उज्जैन को देश में मौजूद 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और भगवान महाकालेश्वर का निवास भी माना जाता है।

देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से सिंहस्थ कुंभ मेले में शिरकत करने आने वाली भक्तों की भीड़ के सैलाब के प्रबंधन के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय एवं राज्य सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। उज्जैन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक मधु कुमार ने कहा, ‘शिप्रा नदी में दूसरे शाही स्नान के अवसर पर, 25 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मेला स्थल पर नजर रखे हुए हैं।

Updated : 2016-05-09T05:30:00+05:30
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