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भारत की सबसे लाभप्रद बनी सुकन्या समृद्धि योजना

भारत की सबसे लाभप्रद बनी सुकन्या समृद्धि योजना
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ग्वालियर जिले में खुले बीस हजार खाते

ग्वालियर। वित्तीय वर्ष 2015-16 में 'सुकन्या सम्रद्धि योजना' 9.2 प्रतिशत ब्याज की घोषणा के साथ भारत की सबसे ज्यादा लाभ प्रदान करने वाली बचत योजना बन गई है। विशेष रूप से शून्य से दस वर्ष तक की बालिकाओं के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित इस योजना में निवेश राशि के साथ-साथ ब्याज और परिपक्वता पर मिलने वाली राशि पर टैक्स में छूट भी मिलती है। इस तरह यह योजना पीपीएफ के समक्ष पहुंच गई है। इस योजना में तीन स्तरों पर टैक्स छूट मिलती है, लेकिन ब्याज के मामले में सुकन्या खाता पीपीएफ से ज्यादा लाभप्रद है। पीपीएफ पर 8.75 फीसदी ब्याज मिल रहा है, जबकि सुकन्या खाता पर 9.2 फीसदी और वह भी चक्रवर्ती ब्याज प्राप्त होता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग आगे भी आ रहे हैं। ग्वालियर जिले की ही बात करें तो इस योजना में केवल डाकघर में ही अब तक करीब 20 हजार खाते खुल चुके हैं।

यहां उल्लेखनीय है कि छोटी बचत योजना को प्रोत्साहन देने के लिए भारत सरकार ने दिसम्बर 2014 में बालिकाओं की विशेष जमा योजना 'सुकन्या सम्रद्धि खाता' का शुभारंभ किया था। इस योजना में दस वर्ष तक की बालिका के नाम से खाता उसके अभिभावक या संरक्षक द्वारा खोला जा सकता है। खास बात यह है कि यह खाता पूरे देश में कहीं भी स्थानांतरित किया जा सकता है। इस योजना में कोई भी माता-पिता या संरक्षक अपनी केवल दो बालिकाओं के नाम से ही खाता खुलवा सकते हैं। यह खाता एक हजार रुपए न्यूनतम राशि के साथ खोला जाता है। इसके बाद प्रत्येक वित्तीय वर्ष में इस खाते में न्यूनतम एक हजार रुपए जमा कराना अनिवार्य है। इस योजना का खाता डाकघर के अलावा किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में भी खोला जा सकता है।

..तो 14 वर्ष में मिलेंगे 6.42 लाख
सुकन्या सम्रद्धि योजना के खाते में बालिका के नाम से यदि प्रतिमाह एक हजार रुपए जमा किए जाते हैं तो 14 वर्षों में उसके खाते में 1.68 लाख रुपए जमा हो जाएंगे। इस पर 9.2 प्रतिशत ब्याज की दर से यदि गणना की जाए तो बालिका को परिपक्वता पर करीब 6.42 लाख रुपए की राशि प्राप्त होगी। इस योजना में रकम जमा कराने की अधिकतम समय सीमा 14 वर्ष है। किन्तु खाते से आंशिक रकम निकासी की सुविधा बालिका की 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर मिलेगी, जो अधिकतम 50 प्रतिशत होगी। खास बात यह है कि दस वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद बालिका स्वयं खाते को संचालित कर सकेगी और खाते से आंशिक या पूर्ण निकासी के समय मिलने वाली रकम बालिका के नाम होगी।

टैक्स में मिलती है छूट
सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खुलने वाले खातों पर आयकर कानून की धारा 80-जी के तहत छूट प्रदान की जाती है, जिसमें निवेश राशि के साथ-साथ ब्याज और परिपक्वता पर मिलने वाली राशि पर भी टैक्स में छूट मिलती है। इस प्रकार टैक्स में छूट के नजरिए से यह योजना पीपीएफ से अधिक लाभप्रद है। इस योजना के फार्म ऑनलाइन उपलब्ध हैं। भारत सरकार ने इस योजना के लिए अलग से हेल्प लाइन नम्बर 1800223060 जारी किया है। यदि किसी व्यक्ति विशेष को इस योजना को लेकर कोई भ्रम या सवाल है तो वह इस नम्बर पर नि:शुल्क बात कर अपनी शंका का समाधान कर सकता है।

इनका कहना है
सुकन्या समृद्धि योजना वर्तमान में भारत की सबसे लाभप्रद योजना है। इसमें टैक्स में छूट के साथ-साथ जमा राशि पर चक्रवर्ती ब्याज मिलता है, जिससे राशि निरंतर बढ़ती जाती है। यही बजह है कि लोग इसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं और अपनी बालिकाओं के नाम से खाते भी खुलवा रहे हैं। इन्दौर जिले में तो अब तक करीब 42 लाख खाते खुल चुके हैं। ग्वालियर जिले में भी केवल डाकघर में ही अभी तक लगभग 20 हजार खाते खुल चुके हैं।

बी.एस. राठौर
अधीक्षक, डाकघर, ग्वालियर

Updated : 2016-04-05T05:30:00+05:30
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