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बोर्ड की हरी झण्डी मिलते ही दौड़ पड़ेगी टे्रन

ग्वालियर। भिण्ड-इटावा रेलवे ट्रेक का कार्य पूरा हो चुका है। यात्री गाड़ी चलाने के लिए ट्रेक पूर्ण रूप से तैयार है। इस बात का सेफ्टी सर्टिफिकेट भी रेलवे बोर्ड ने जारी कर दिया है। सर्टिफिकेट की एक प्रति मंडल प्रबंधक को भी भेजकर ट्रेन उचित दिनांक को चलाने के लिए हरी झंडी दे दी गई है।
अब ट्रेन इस ट्रेक पर कब और किस तारीख को दौड़ेगी? इस बात का निर्णय झांसी मंडल प्रबंधक एस.के. अग्रवाल को तय करना है। वहीं मण्डल प्रबंधक का कहना है कि भिण्ड-कोटा पेसेंजर को इटावा तक पहुंचाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। अब बोर्ड को ही तय करना है कि कौन सी गाड़ी कब और किस दिन चलानी है।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि रेलवे बोर्ड से बीते दिनों ट्रेन उचित दिनांक को चलाने के लिए हरी झंडी दे दी गई है। बोर्ड से मंडल के लिए सेफ्टी सर्टिफिकेट भी भेज दिया गया है। अब रेलवे ट्रेक में कहीं कोई कमी नहीं है। जिन कारणों से भिण्ड-इटावा रेल लाइन को शुरू करने में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था, वह समाप्त हो चुका है। इसके अलावा पिछले एक वर्ष से इस ट्रेक पर यात्री गाड़ी से दोगुना बजन की मालगाड़ी संचालित हो रही है। इससे भी स्पष्ट हो गया है कि यह ट्रेक पूर्णत: ट्रेन चलाने के लिए उचित है। बीते रोज मंडल कार्यालय में संबधित आधिकारियों ने इस ट्रेक से संबंधित सभी दस्तावेज एवं सेफ्टी सर्टिफिकेट भेज दिया है।
डेढ़ माह में नहीं चल सकी 22 कि.मी. ट्रेन
विगत 16 दिसम्बर को बोर्ड द्वारा भिण्ड-इटावा ट्रेक पर यात्री गाड़ी दौड़ाने के लिए हरी झंडी दिखा दी गई थी और 25 दिसम्बर को बटेश्वर से इटावा के लिए ट्रेन की शुरुआत भी कर दी गई है, जबकि भिण्ड से उदी के बीच की दूरी महज 22 कि.मी. है। उदी स्टेशन पर बटेश्वर व भिण्ड से आने वाला मार्ग मिलता है, जहां से यही रास्ता इटावा तक पहुंचता है, लेकिन 22 कि.मी. के इस रास्ते को पूरे 40 दिन गुजरने के बाद भी यात्री गाड़ी तय नहीं कर सकी है।
इन्होंने कहा
रेलवे बोर्ड से सेफ्टी सर्टिफिकेट तो मिल गया है, पर यात्री गाड़ी चलाने की तारीख रेलवे बोर्ड ही तय करेगा। उसके बाद गाड़ी चला दी जाएगी।
विजय कुमार
सीपीआरओ, इलाहाबाद

Updated : 2016-02-04T05:30:00+05:30
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