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अब औषधि विक्रेताओं के लिए जरूरी होगा प्रशिक्षण

भोपाल। प्रदेश में औषधि आपूर्ति करने वाले दवा विक्रकताओं को प्रशिक्षण लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए तीन माह का रिफ्रेशर कोर्स कर फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। जिसके बाद उन्हें विधिवत लाइसेंस मिल जाएगा। इस खबर के बाद प्रदेश के उन फार्मासिस्टों में हडक़ंप की स्थिति है, जिन्होंने वाकयदा चार साल का कोर्स करने के बाद यह डिग्री हासिल की है। दरअसल इस संबध में उन्हें हाल ही में एक छपी खबर से यह जानकारी मिली है। हालांकि इस संबध में अभी तक राज्य सरकार ने कोई भी नए दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। इस खबर में कहा गया है कि मेडिकल दुकानों पर काम करने वाले अप्रिशिक्षत लोगों के लिए तीन महीने के रिफ्रेशर कोर्स शुरू हो रहा है। इस कोर्स को करने के बाद अप्रशिक्षित लोग भी फार्मेसी कांउसिल में रजिस्ट्रेशन करवाकर मेडिकल स्टोर खोल सकेंगे। दरअसल फार्मेसी एक्ट के अनुसार फार्मासिस्ट को कम से कम चार वर्ष की पढ़ाई करने के बाद ही फार्मेसी कौंसिल में अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं, लेकिन यदि रिफ्रे शर कोर्स शुरू होता, तो फार्मासिस्टों द्वारा चार सालों की पढ़ाई के बाद हासिल की गई डिग्री का कोई महत्व नहीं रह जाएगा।
प्रांतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की मांग पर मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले अप्रशिक्षित लोगों को अनुभव के आधार पर रिफ्रेशर कोर्स कराने का निर्णय लिया गया था। तीन माह का रिफ्रेशर कोर्स करने के बाद लोग फार्मेसी कांउसिल में रजिस्ट्रेशन करवाकर, स्वयं का मेडिकल स्टोर खोल सकते थे। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की इस मांग के समर्थन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रिफ्र ेशर कोर्स कराने का निर्देश फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को दिया है।
इस खबर से देश के फार्मासिस्टों में हडंकंप सा मच गया है। इसके विरोध में प्रांतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में फार्मासिस्टों द्वारा पोस्टकार्ड अभियान चलाया गया है। इस अभियान के अंतर्गत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को हजारों पोस्ट कार्ड लिखे गए हैं।

Updated : 2016-12-04T05:30:00+05:30
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