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कूनो में जल्द ही दहाड़ेंगे गुजरात के बब्बर शेर

कूनो में जल्द ही दहाड़ेंगे गुजरात के बब्बर शेर

ग्वालियर। श्योपुर जिले के कूनो वन्यप्राणी अभयारण्य में गुजरात के बब्बर शेरों को बसाने का मामला अब सुलझता दिख रहा है। इसी सिलसिले में केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा गठित उच्च स्तरीय वन्यजीव विशेषज्ञ समिति का 12 सदस्यीय दल 18 दिसम्बर को कूनो का दौरा करने आ रहा है। इस दल में मध्यप्रदेश एवं गुजरात वन विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। यह दल मुख्य रूप से यह देखेगा कि बब्बर शेरों को बसाने की दृष्टि से कूनो का वातावरण कितना अनुकूल है। इस दल ने कूनो को यदि शेरों को बसाने की दृष्टि से अनुकूल पाया तो आगामी जनवरी से फरवरी के बीच कूनो में गुजरात के बब्बर शेरों की दहाड़ सुनाई दे सकती है।

उल्लेखनीय है कि कूनो वन्यप्राणी अभयारण्य में गुजरात के गिरि राष्ट्रीय उद्यान के बब्बर शेरों को बसाने की योजना सन् 1996 से लम्बित है। वर्ष 2013 के अपै्रल माह में सर्वोच्च न्यायालय ने कूनो अभयारण्य में बब्बर शेरों को बसाने की योजना पर आगामी छह माह में अमल करने के निर्देश केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को दिए थे, लेकिन साढ़े तीन साल गुजर जाने के बाद भी कूनो अभयारण्य में बब्बर शेरों को बसाने की प्रक्रिया अधर में अटकी हुई है, लेकिन अब कुछ बात बनती दिख रही है।

सूत्रों के अनुसार गुजरात के बब्बर शेरों को कूनों में बसाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा गठित उच्च स्तरीय वन्यजीव विशेषज्ञ समिति के सदस्य 18 व 19 दिसम्बर को कूनो का निरीक्षण कर मुख्य रूप से यह देखेंगे कि कूनो अभयारण्य का जंगल और वहां का वातावरण बब्बर शेरों को बसाने की दृष्टि से अनुकूल है या नहीं। इसके बाद इस दल द्वारा यदि केन्द्र सरकार को अनुकूल रिपोर्ट सौंपी गई तो माना जा रहा है कि गुजरात के गिरि राष्ट्रीय उद्यान से आगामी जनवरी से फरवरी के बीच कूनो अभयारण्य में आठ से दस बब्बर शेरों की शिफ्टिंग की जा सकती है। बताया गया है कि कूनो में बब्बर शेरों को बसाने की कार्ययोजना पूर्व में ही बन चुकी है।

पहली बार आ रहा है विशेषज्ञ दल
अपै्रल 2013 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बाद यह पहला मौका है, जब कूनो में बब्बर शेरों को बसाने के लिए गठित उच्च स्तरीय वन्यजीव विशेषज्ञ समिति के सभी सदस्य सामूहिक रूप से कूनों का भ्रमण करने आ रहे हैं। बताया गया है कि विगत मई माह में हुई उच्च स्तरीय वन्यजीव विशेषज्ञ समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि बब्बर शेरों की शिफ्टिंग से पहले समिति के सभी सदस्य सामूहिक रूप से कूनो अभयारण्य का अवलोकन करेंगे और अगली बैठक भी कूनो में ही करेंगे। इसी निर्णय के पालन में यह 12 सदस्यीय दल कूनो का अवलोकन करने आ रहा है।

18 को आएगा दल
उच्च स्तरीय वन्यजीव विशेषज्ञ समिति के सभी सदस्य 18 दिसम्बर को शताब्दी एक्सप्रेस से सुबह 9.30 बजे ग्वालियर पहुंचेंगे। तत्पश्चात सिटी सेन्टर स्थित वन विभाग के विश्राम गृह में स्थानीय अधिकारियों से मिलने के बाद सुबह 10.30 बजे सडक़ मार्ग से प्रस्थान कर दोपहर 12.30 बजे शिवपुरी पहुंचकर होटल टूरिस्ट विलेज में कुछ देर विश्राम के बाद श्योपुर पहुंचकर कूनो अभयारण्य का अवलोकन करेंगे। शाम को शिवपुरी पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे। जहां से दूसरे दिन 19 दिसम्बर को एक बार फिर श्योपुर पहुंचकर कूनो अभयारण्य का अवलोकन करेंगे। इसके बाद कूनो में ही बैठक कर विचार-मंथन भी करेंगे। तत्पश्चात शिवपुरी में रात्रि विश्राम उपरांत 20 दिसम्बर को वापस दिल्ली प्रस्थान करेंगे।

विशेषज्ञ दल में ये होंगे शामिल
अतिरिक्त मुख्य निदेशक वन्यजीव, अतिरिक्त मुख्य निदेशक एवं सदस्य सचिव वन, संचालक, भारतीय वन्यजीव संस्थान, मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्यप्रदेश, मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक गुजरात, वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. रवि चेल्लम, डॉ. बाय.व्ही. झाला, प्रधान सचिव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी डब्ल्यू. डब्ल्यू. एफ., डॉ. एजेटी जॉन सिंह, सदस्य, एन. बी. डब्ल्यू. एल., पी.आर. सिन्हा, आई. यू. सी. एन. इंडिया, एम.बी. लाल, पूर्व अतिरिक्त निदेशक, वन्यप्राणी, डॉ. एम.के. रंजीत सिंह, सदस्य, एन. बी. डब्ल्यू. एल. आदि शामिल हैं।

अभी यह करना हैं तैयारियां
* बब्बर शेरों को बसाने की दृष्टि से कूनो का वर्तमान क्षेत्रफल कम है, इसलिए 350.577 वर्ग कि.मी. एरिया बढ़ाया जाना है, जिसका प्रस्ताव केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया है, जहां से स्वीकृति की प्रतीक्षा है।
* कूनो अभयारण्य में शामिल करने के लिए प्रस्तावित क्षेत्र में बसे दो गांवों का विस्थापन किया जाना है।
* बब्बर शेरों को अभयारण्य में स्वच्छंद विचरण के लिए खुला छोडऩे से पहले कुछ समय तक उन्हें एक बाड़े में रखा जाएगा। जिसका निर्माण किया जाना है।
* इन सभी कार्यों के लिए बजट की जरूरत है। इसके लिए केन्द्र शासन को प्रस्ताव भेजकर 68 करोड़ का बजट मांगा गया है, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।

इनका कहना है
पिछली बैठक में पारित निर्णय के अनुसार उच्च स्तरीय वन्यजीव विशेषज्ञ समिति के सभी सदस्य 18 दिसम्बर को कूनो अभयारण्य का सामूहिक अवलोकन करने के लिए आ रहे हैं, जो मुख्य रूप से यह देखेंगे कि यह क्षेत्र शेरों के रहने की दृष्टि से अनुकूल है या नहीं। अगले दिन समिति की बैठक भी होगी। इस दौरान मैं भी मौजूद रहूंगा।

जितेन्द्र अग्रवाल
प्रधान मुख्य वन संरक्षक
(वन्यजीव) भोपाल

Updated : 2016-12-02T05:30:00+05:30
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