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अब लाड़लियों का पंजीयन जन्म के समय अस्पताल में ही किया जाएगा

भोपाल। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा है कि प्रदेश के अस्पतालों में जन्म लेने वाली लाड़लियों का लक्ष्मी योजना में पंजीयन अस्पताल में ही सुनिश्चित किया जायेगा। इसके लिए सभी अस्पतालों में लाड़ली-डेस्क की स्थापना की जा रही है। बालिकाओं के नामकरण में माता-पिता की सहायता के लिए सभी अस्पतालों, आंगनवाड़ी तथा पब्लिक डोमेन में हिंदी वर्णमाला के प्रत्येक अक्षर पर सौ-सौ नामों की सूची उपलब्ध कराई जायेगी।

श्रीमती चिटनीस ने यह निर्देश नर्मदा भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में दिए । बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि जिन अशासकीय संस्थाओं में 10 से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं वहां लैंगिक उत्पीडऩ अधिनियम-2013 के अंतर्गत निर्देशों का बोर्ड लगाना तथा आंतरिक परिवाद समिति का गठन जनवरी 2017 तक सुनिश्चित कर लिया जाए । इस कार्य में सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करें । हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर पुलिस सहायता , चिकित्सा व सलाह सांत्वना के लिए प्रदेश के 18 जिलों में वन स्टाप सेंटर सखी आरंभ किए जायेंगे ।बैठक में भरण पोषण अधिनियम के अंतर्गत न्यायालय द्वारा जारी नोटिस की तामीली को सुनिश्चित कराने के लिए जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारियों को जिला प्रशासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। महिला बाल विकास मंत्री ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के सभी जिलों में किया जायेगा।

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव महिला बाल विकास जे एन कंसोटिया, आयुक्त एकीकृत बाल विकास कार्यक्रम श्रीमती पुष्पलता सिंह सहित महिला सशक्तिकरण संचालनालय तथा एकीकृत बाल विकास परियोजना के राज्य , संभाग व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा बैठक में महिला बाल विकास मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरुप कुपोषण की चुनौती का सामना करने के उद्देश्य से संपूर्ण प्रदेश में कुपोषित बच्चों के वास्तविक चिन्हांकन के लिए विशेष वजन अभियान संचालित किया जा रहा है ।
वजन लेने की प्रक्रिया में विभाग के उच्च अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।
इससे बच्चों के वास्तवकि चिन्हांकन उनकी स्थिति सुधारने और कुपोषित बच्चों के ग्रेड परिवर्तन के लिए व्यवस्थित प्रयास करने में मदद मिलेगी ।








Updated : 2016-12-01T05:30:00+05:30
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