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सोमवार को बंद रहेंगे बैंक और डाकघर!

सोमवार को बंद रहेंगे बैंक और डाकघर!
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ग्वालियर। लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए शहर की सभी बैंक रविवार को सामान्य दिनों की तरह खुलेंगी। रविवार के दिन बैंको में 500 और 1000 के नोट जमा करने और बदलने का काम किया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को गुरुनानक जयंती के अवसर पर शहर की सभी बैंक और डाकघर बंद रह सकते हैं, लेकिन इस बारे में अधिकृत रूप से किसी प्रकार की कोई घोषणा नहीं की गई है। अत: छुट्टी के दिन रविवार को नोटों का लेनदेन करना अधिक उचित रहेगा।

और बढ़ेगी भीड़
रविवार के दिन सभी निजी और सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहता है। यहां तक कि व्यापारिक संस्थान एवं सभी सरकारी एवं निजी कार्यालय बंद रहते हैं। अत: रविवार को नोट बदलने को लेकर बैंको में अधिक भीड़ होने की पूरी संभावना है। वहीं सोमवार को गुरूनानक जयंती का अवकाश होने के कारण मंगलवार को भी बैंक और एटीमएम पर भीड़ बढ़ सकती है। अत: रविवार को समय से पहले ही बैंक में पहुंचना अधिक सुविधाजनक हो सकता है। वहीं शहर के सभी डाकघर भी रविवार को अपने निर्धारित समय के अनुसार लोगों के लिए खुले रहेंगे। इनमें पैसों का लेनदेन और मुद्रा बदलने के अलावा और कोई कार्य नहीं किया जाएगा।

बैंक जाएं तो यह साथ लेकर जाएं
जिन लोगों को अपनी मुद्रा बदलनी है वह अपने साथ आधार कार्ड व पेन कार्ड अवश्य लेकर जाएं। वहीं बैंक प्रबंधन द्वारा ऐसे लोगों की मुद्रा जमा नहीं की जा रही है जो अपने परिजनों का पैसा उनके खातों में ही जमा करने आ रहे हैं।

धैर्य से काम ले रही शहर की जनता
मोदी सरकार ने देश में 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए हैं। नोट बंद होने से बाजारों में कामकाज पूर्ण रूप से बंद हो गया है। शहर के व्यापारी शांत बैठै हुए हैं। नोट बदलने को लेकर जनता भी धैर्य से काम ले रही है। लोगों के पास भी 500 व 1000 के अलावा छोटे नोट नहीं हैं। शहर के लोग धैर्य पूर्वक बड़े नोट जमा करने और घर परिवार चलाने के लिए बैंक से 100 और 2000 के नोट लेने के लिए घंटो लाइन में लग रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि मोदी सरकार ने वह काम किया है जो आज तक किसी ने नहीं किया है,भले ही अभी परेशानी हो रही है, लेकिन निकट भविष्य में इसके बहुत अच्छे परिणाम आएंगे। लोगों ने कहा कि मोदी सरकार ने बेहद ही चतुराई से काले धन को बाहर निकालने का काम किया है जो आज तक कोई नहीं कर पाया। वहीं शहर के छोटे और बड़े व्यापारी मोदी सरकार की प्रशंसा कर रहे हैं।

कहीं खुले तो कहीं बंद रहे एटीएम

बैंको में जहां पांच सौ और हजार के नोटों को जाम करने और निकालने का काम किया जा रहा है, वहीं शहर के सभी एटीएम की स्थिति अभी तक ठीक नहीं हुई है। शनिवार के दिन शहर के अधिकतर एटीएम बंद रहे। वहीं जो एटीएम चालू भी थे उन पर लोगों की लम्बी-लम्बी कतारें देर रात तक लगी रहीं। कतारों को देखते हुए कई लोग तो एटीएम तक नहीं पहुंचे। वर्तमान में सभी एटीएमों द्वारा ग्राहकों को 100 रुपए के नोट ही दिए जा रहे हैं। वहीं स्टेट बैंक प्रबंधन का कहना है कि 200 में से 168 एटीएम लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

बैंक अधिकारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ
परेशानी में भी धैर्य से कर रहे हैं काम
इस समय आम जनता के साथ बैंक कर्मचारियों पर नोट बदलने और जमा करने को लेकर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इन कर्मचारियों को बैंको में 10 से 12 घंटे तक का काम करना पड़ रहा है। स्थिति यह हो रही है कि कर्मचारी का अपनी सीट से उठना भी मुश्किल हो रहा है। इसमें खास बात यह है कि यह कर्मचारी छुट्टी के दिन शनिवार और रविवार को भी काम कर रहे हैं। फिलहाल इन कर्मचारियों को छुट्टी मिलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। इन सबके अलावा बैंक प्रबंधन द्वारा अपने कर्मचारियों को राहत देने के लिए पानी, जूस, चाय आदि पहुंचाने का कार्य तत्परता से किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा इन कर्मचारियों का विशेष ध्यान भी रखा जा रहा है, सभी बैंक कर्मचारी शांत स्वभाव से कार्य कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।

इन्होंने कहा

‘काम का दवाब तो बहुत बढ़ गया है। हमारी बैंक के कर्मचारी पूरी मेहनत और लगन से काम कर रहे हैं। बैंक के कर्मचारी शनिवार और रविवार को काम करेंगे। जब सरकार छुट्टी देगी तभी हम छुट्टी लेंगे। वैसे एक से दो सप्ताह में सब कुछ सामान्य हो जाएगा।’

संतोष कुमार सोनी, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई

‘डाकघर कर्मचारियों द्वारा भी नियमित कार्य करते हुए लोगों को नई मुद्रा देना और बदलने का काम किया जा रहा है। रविवार के दिन भी सभी डाकघरों में कामकाज होगा। हमने सभी छोटे डाकघरों को बदलने के लिए पैसा पहुंचा दिया है।’

बी.एस. राठौर, मुरार डाकघर अधीक्षक

‘नोट बदलने में परेशानी तो हो रही है लेकिन मोदी सरकार के इस निर्णय से कालाधान बाहर आ रहा है,इसके लिए परेशानी भी कबूल है। कुछ दिनों में सब सामान्य हो जाएगा। ’

दुर्गा कुशवाह, नाका चन्द्रवदनी

‘नोट बदलने के लिए ही दो लाइनों में लगना पड़ रहा है। तीन घंटे में चार हजार रुपए बदल पाया हूँ, लेकिन देश में सब कुछ अच्छा हो इसके लिए यह परेशानी भी मंजूर है। ’

सुरेश सिंह, ग्राहक

Updated : 2016-11-13T05:30:00+05:30
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