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सांई बाबा ने पहना स्वर्ण मुकुट

दर्शनों के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़

ग्वालियर। नववर्ष के पहले दिन विकास नगर स्थित सांई बाबा मंदिर में शाम के समय सांई बाबा के भक्तों ने पूजा अर्चना के बाद बाबा को सोने का मुकुट अर्पित किया। हीरा, पन्ना, माणिक से तैयार इस मुकुट का पूजन वेदमूर्ति केशव दत्त शास्त्री और राघव तिवारी द्वारा वैदिक विधि विधान से किया गया। मुकुट को दंदरौआ धाम महंत रामदास महाराज, संत कृपालसिंह और मुरैना सांसद अनूप मिश्रा द्वारा बाबा को पहनाया गया।
इसी क्रम में शाम 7 बजे मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें ग्वालियर घराने की डॉ.वीणा जोशी द्वारा सांई भजनों की प्रस्तुति दी गई। भक्तों की ओर से शुक्रवार शाम साईं बाबा को नोटों की माला भी पहनाई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में साईं भक्त मौजूद थे।
850 ग्राम वजन का है सोने का मुकुट
स्वर्ण मुकुट का वजन 850 ग्राम है। ट्रस्ट द्वारा जिस समय यह सोना खरीदा गया था। उस समय सोने की कीमत करीब 28 हजार रुपए प्रति दस ग्राम थी। मुकुट के दोनों तरफ बड़े मोर उकेरे गए हैं। उसके मध्य ऊॅं बना है। इस मुकुट की बनवाई पर 2 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इसे हाथरस के कारीगार महेश वर्मा ने बनाया है। ऊॅं की आकृति में 2 लाख रुपए मूल्य के हीरे लगाए गए हैं। मुकुट के नीचे पन्ना और माणिक के 20 रत्न लगे हैं। इनकी कीमत एक लाख रुपए है। मंदिर के अध्यक्ष योगेश शुक्ला व कोषाध्यक्ष आनंद सावंत के अनुसार इस मुकुट की कीमत 31 लाख रुपए है। मुकुट को हर गुरुवार दोपहर 12 बजे और शाम 6 बजे बाबा को पहनाया जाएगा।
नए साल के पहले दिन मंदिरों में उमड़े भक्त

शुक्रवार को लोगों ने नए साल के पहले दिन मंदिरों, गुरुद्वारों, में जाकर माथा टेका। इस दौरान अधिकतर लोग अचलेश्वर मंदिर, फूलबाग स्थित विकास नगर के समीप सांई बाबा मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह से देर रात तक मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही। अचलेश्वर मंदिर पर शुक्रवार सुबह पांच बजे से ही भक्तों का आना शुरू हो गया। लोगों ने पूजा अर्चना कर नए साल की शुरुआत की। इसके अलावा पड़ाव स्थित मंशापूर्र्ण मंदिर में भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। सुबह होते ही लोगों ने एक दूसरे को गले मिलकर नया साल मंगलमय होने की शुभकामनाएं दीं। इसी कामना के साथ कई धर्मप्रेमी शहर के विभिन्न मंदिरों में प्रार्थना करने पहुंचे। सुबह स्नान आदि कर मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने भगवान की आराधना की। मंदिरों पर सुबह भक्तों के आने का क्रम शुरु हो गया जो देर रात तक जारी रहा। अचलेश्वर मंदिर और सांई बाबा मंदिर के साथ ही खेड़ापति मंदिर, पड़ाव स्थित मंशापूर्ण हनुमान मंदिर, मांढरे की माता, छोटी वैष्णो देवी, सहित शहर के सभी छोटे बड़े मंदिरों पर पूजा- अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही।
बधाई देने में लगे रहे कर्मचारी
नववर्ष के पहले दिन शुक्रवार को सरकारी दफ्तरों में एक-दूसरे को बधाई देने का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान कर्मचारियों का अधिकतर समय अपने मित्रों और परिजनों को बधाई देने में ही बीत गया।

Updated : 2016-01-02T05:30:00+05:30
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