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भिण्ड में बनेगा बांस का बेम्बो सेटम

पांच हैक्टेयर क्षेत्र में लगाए जाएंगे बांस की 22 प्रजातियों के पौधे

ग्वालियर। म.प्र. राज्य बांस मिशन की मदद से वन विभाग दतिया के बाद अब भिण्ड में भी वन भूमि पर बांस रोपण की तैयारी कर रहा है। भिण्ड जिले में चम्बल नदी के पास स्थित बरई गांव के पास वन क्षेत्र में करीब पांच हैक्टेयर भूमि में बांस की 22 प्रजातियों के पौधों का रोपण कर बेम्बो सेटम तैयार किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार भारत में बांस की करीब 78 प्रताजियां पाई जाती हैं, जिनमें से करीब 22 प्रजातियों के लिए मध्यप्रदेश की भूमि उपयुक्त है, लेकिन वर्तमान में बांस की उक्त प्रजातियां लगभग विलुप्त होने की स्थिति में हैं, जिन्हें बचाने के लिए वन विभाग ने म.प्र. राज्य बांस मिशन की मदद से मध्यप्रदेश में छह स्थानों पर बांस के बेम्बो सेटम तैयार करने का निर्णय लिया है, जिनमें गिर्द क्षेत्र से भिण्ड जिले के बरई गांव को भी चुना गया है, जिसे कृषि जलवायु क्षेत्र की दृष्टि से उपयुक्त माना गया है।
दतिया में भी किया है बांस का रोपण
वन विभाग ने प्रयोग के तैर पर पिछले वर्ष बारिश के दिनों में दतिया जिले में भी वन क्षेत्र में बांस की विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया था। इसके अलावा सिटी सेन्टर स्थित वन विभाग के कार्यालय परिसर में भी बांस के पौधे लगाए गए थे। इन दोनों स्थानों पर किया गया यह प्रयोग सफल होता दिख रहा है।
बांस की खेती करने किसान भी तैयार
वन विभाग निजी जमीन पर बांस रोपण के लिए किसानों को भी प्रेरित कर रहा है। इसी उद्देश्य से गुरुवार को मुख्य वन संरक्षक कार्यालय सिटी सेन्टर स्थित सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें ग्वालियर जिले के चारों वन परिक्षेत्रों से 10-10 किसानों को बुलाया गया। इस कार्यशाला में वन संरक्षक विक्रम सिंह परिहार, सहायक वन संरक्षक जी.के. चंद एवं आर.सी. शर्मा ने किसानों को बांस की खेती से होने वाले लाभ और शासन से मिलने वाले अनुदान के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला में बताया गया है कि म.प्र. राज्य बांस मिशन की योजना के अंतर्गत वन मंडल ग्वालियर को निजी जमीन में बांस के 14 हजार पौधों का रोपण कराने का लक्ष्य मिला है। सहायक वन संरक्षक आर.सी. शर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला में आए अधिकांश किसान करीब 30 से 35 हजार बांस के पौधों का रोपण करने के लिए तैयार हो गए हैं।

Updated : 2016-01-15T05:30:00+05:30
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