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भावी पीढ़ी को आपातकाल से अवगत कराना चाहिए: जोशी

कांग्रेस की तानाशाही के कारण आपातकाल लगा: मेनन


भोपाल। भारतीय जनता पार्टी, प्रदेश कार्यालय, पं. दीनदयाल परिसर में आज लोकतंत्र सेनानी संघ के भोपाल और नर्मदापुरम संभाग का सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी, पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री अरविंद मेनन ने मीसाबंदियों को संबोधित किया। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी ने कहा कि आपातकाल के 21 माह असाधारण संघर्ष का समय था। आपातकाल में जनता अत्यंत डरी और सहमी थी किंतु बाद में हुए आम चुनाव में जनता ने कांग्रेस की तानाशाही का अंत कर दिया। भावी पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास से अवगत कराया जाना चाहिए। जिससे फिर कभी लोकतंत्र का गला घोंटने की कोई हिमाकत न कर सके।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री अरविंद मेनन ने कहा कि कांग्रेस की तानाशाही मनोवृत्ति और लोकतंत्र के प्रति अनास्था के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री ने 1975 में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या कर दी थी। एक लाख से अधिक निर्दोष और बेगुनाह सामाजिक और राजनैतिक कार्यकर्ताओं को अकारण जेलों में बंद कर दिया गया था। देश की जनता ने कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों के कारण केंद्र में सत्ता से बाहर कर मात्र 40 संासदों तक सीमित कर दिया है। श्री मेनन ने मीसाबंदियों को आश्वस्त किया कि उनकी ऊर्जा और उनके अनुभवों का लाभ रचनात्मक कार्यों में लिया जायेगा।
मध्यप्रदेश शासन के वरिष्ठ मंत्री सरताज सिंह ने कहा कि देश की जनता जुल्म और ज्यादतियों का खुलकर विद्रोह तो नहीं करती किन्तु अवसर आने पर 1977 की तरह मौन क्रांति कर सत्ता का तख्ता पलट देती है। आपातकाल में जनता ने अनेक कष्ट ओर ज्यादतियां सहीं थीं। लोकतंत्र पर आघात करने वालों को जनता नसीहत देती जैसा उसने आपातकाल के बाद किया था। लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने मीसाबंदियों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभवों का लाभ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे रचनात्मक कार्यों में लगायें। लोकतंत्र की रक्षा के लिए समय-समय पर जनचेतना जाग्रत करते रहें। लोकतंत्र सेनानी संघ के महामंत्री सुरेन्द्र द्विवेदी, कोशाध्यक्ष संतोष शर्मा, उपाध्यक्ष भरत चतुर्वेदी, भोपाल जिले के संयोजक मनोहर पाठक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। भोपाल और होशंगाबाीद संभाग के 150 से अधिक मीसाबंदी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के अंत में पेटलावद हादसे में हुए दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई।

Updated : 2015-09-14T05:30:00+05:30
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