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आवास पर बेहोश मिले जनपद सीईओ

गंभीर हालत में ग्वालियर किया रैफर

शिवपुरी। जनपद पंचायत बदरवास के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजीव शुक्ला विगत रात्रि अपने शासकीय आवास में बेहोशी की हालत में पड़े मिले। उन्हें सबसे पहले चपरासी हल्के केवट ने देखा जो अपनी मोटर साईकिल उठाने बंगले पर गया था। उनकी यह हालत बीमारी के कारण हुई अथवा कोई अन्य कोई कारण रहा यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। फिलहाल उपचार हेतु उन्हें ग्वालियर रैफर कर दिया गया हैं। जहां उनकी हालत नाजुक बताई गई है।
जानकारी के अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजीव शुक्ला को बदरवास पदस्थ हुए करीब आठ-नौ माह बीत गए थे। लम्बे समय से बीमार रहने के कारण वह अपना उपचार कराने के लिए दिल्ली गए हुए थे। उस समय बदरवास जनपद का कार्यभार कोलारस के सीईओ अजीत तिवारी को सौंप दिया गया। उपचार कराकर बदरवास आए सीईओ श्री शुक्ला अपने स्थानांतरण के सिलसिले में एक सप्ताह पूर्व भोपाल गए थे और स्थानीय कर्मचारियों से कहा कि वह चार पांच दिन बाद वापस बदरवास आएंगे। लेकिन वह बदरवास कब आए इसकी जानकारी किसी को भी नहीं थी। विगत रात चपरासी हल्के केवट अपनी मोटर साईकिल उठाने के लिए सीईओ के आवास परिसर में पहुंचा तो उसको आभाष हुआ कि क्वार्टर के अंदर पंखा चल रहा है। उसने खिड़की से झांककर देखा तो उसे सीईओ बेहोशी की हालत में फर्स पर पड़े दिखाई दिए। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आकर दरवाजा तुड़वाया। सीईओ के शरीर पर जलने के निशान थे। वहीं दाहिना पैर भी गला हुआ पाया। पुलिस द्वारा उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए उप स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया जहां से उन्हें तत्काल ग्वालियर रैफर कर दिया गया।

मानसिक दबाव में रहते थे शुक्ला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बदरवास के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शुक्ला ईमानदार छवि के अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। लेकिन बदरवास ब्लॉक में दबंग सरपंच उन पर अवैधानिक रूप से कुछ फाईलों पर हस्ताक्षर कराना चाहते थे। लेकिन वे उन फाईलों पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे थे। जिसके चलते उन्हें मानसिक तनाव बना हुआ था। बताया गया है कि अपने ऊपर दिए जा रहे दवाब को आधार बनाते हुए वह बदरवास से अपना स्थानांतरण कराना चाहते थे।
बेहोशी का कारण बीमारी या हादसा
विगत रात्रि अपने कमरे में जमीन पर बेहोशी की हालत में पड़े मिले श्री शुक्ला की हालत का जिम्मेदार उनकी लम्बे समय से चली आ रही बीमारी का कारण हैं या फिर कोई हादसा, शरीर पर जले के निशान और चोटें कैसे आईं यह जांच के बाद ही खुलासा हो सकेगा।

Updated : 2015-07-27T05:30:00+05:30
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