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भिंड-इटावा रेल लाइन पर दौड़ेगी रेल!

भिंड-इटावा रेल लाइन पर दौड़ेगी रेल!
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रेल बजट में हो सकती है घोषणा

अजय उपाध्याय
ग्वालियर। लम्बे समय से अधर में लटकी भिंड-इटावा रेल लाइन को लेकर अब सभी की निगाहें रेल बजट पर टिकीं हैं। सभी को इस बात की आशा है कि रेल विभाग बजट में इस बार घोषणा कर सकता है कि इस ट्रेक पर कब से और कौन सी रेलगाड़ी दौड़ेगी।
उल्लेखनीय है कि यह महात्वकांक्षी रेल परियोजना विगत छह माह से तैयार है। इसके बाबजूद किसी न किसी वजह से यह शुरू नहीं हो पा रही है। कई बार रेलमंत्रालय के तकनीकी विभाग द्वारा इसका सफल परीक्षण किया जा चुका है। रुकावट की मूल वजह चम्बल पुल के पिलर क्रमांक-6 में कमजोरी का पाया जाना बताई जा रही है। ऐसा नहीं कि रेलवे को इसकी जानकारी नहीं थी। विभाग द्वारा कानपुर आईआईटी द्वारा जांच भी करवाई जा चुकी है। पिलर की मजबूती को देखते हुए आईआईटी टीम द्वारा रेल दौड़ाने के लिए हरी झण्डी प्रदान कर दी थी, तब यह माना जा रहा था कि अब किसी भी वक्त इस लाइन पर रेल दौड़ जाएगी। इसके लिए बकायदा पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी के जन्म दिन 25 दिसम्बर की तारीख तय मानी जा रही थी। परंतु इस बीच इलाहबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका ने अड़ंगा डाल दिया। हांलाकि बाद में हाईकोर्ट ने भी रेलवे के तकनीकी विभाग के अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी। सूत्रों का कहना है कि रेलवे का तकनीकी विभाग चम्बल पुल सहित पूरी परियोजना की पुख्ता जांच कर चुका है। इस कारण से इसमें अब औपचारिकता ही शेष रह गई है। सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में मोदी सरकार अपने पहले रेल बजट में इस महात्वकांक्षी परियोजना, शुरू करने की घोषणा किए जाने की पूरी तैयारी कर चुकी है। यदि ऐसा होता है तो इस रेल लाइन पर कब से और कौन सी रेलगाड़ी दौड़ेगी। इन दोंनो ही बातों से पर्दा उठ सकता है।
32 वर्ष का लम्बा समय लगा तैयार होने में:-
इस परियोजना को 32 वर्ष का लम्बा समय लगा। यह परियोजना सन् 1983 में शुरू हुई थी। गुना से लेकर भिण्ड तक का कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है और उस पर रेलगाड़ी संचालित भी हो चुकी है, लेकिन भिण्ड इटावा के बीच तीन पुल प्रस्तावित थे तथा चम्बल के बीहड़ों को काटकर रेल लाइन पर फोरेस्ट विभाग और उत्तरप्रदेश सरकार के अड़ंगों के चलते इसका कार्य कठिन था, लेकिन यह सारी चुनौतियों से निपटते हुए इस रेल लाइन को तैयार कर लिया गया। यदि इस रेल बजट में रेलगाड़ी की घोषणा हो जाती है, तो इससे ग्वालियर-हावड़ा रेल लाइन का रास्ता सरल हो जाएगा और उत्तरप्रदेश, बिहार, हावड़ा की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधा होगी। इतना ही नहीं इससे मालगाडिय़ों के आवागमन की सुविधा भी सरल हो जाएगी। उधर जब रेलवे अधिकारियों से इस विषय में जानने की कोशिश की गई तो वह दबी जुबान मेें तो स्वीकार रहे हैं, लेकिन अधिकारिक रूप से बयान देने से बच रहे हैंं।

हमारे द्वारा भिण्ड-इटावा रेल लाइन शुरू करने एवं उस लाइन पर ओखा एक्सप्रेस एवं बरौनी एक्सप्रेस रेलगाड़ी शुरू करने की मांग को प्रमुखता से रखा गया है। सम्भवत: आने वाले रेल बजट में इन गाडिय़ों की एवं रेल लाइन को शुरू करने की घोषणा की जा सकती है। वहीं नई रेल लाइन भिण्ड से कोंच वाया लहार होते हुए तथा इटावा से इन्दौर, इटारसी एवं खण्डवा के लिए भी प्रस्ताव भेज कर मांग की गई है, जिसकी घोषणा भी बजट में की जा सकती है।
भागीरथ प्रसाद
सांसद भिण्ड


Updated : 2015-02-18T05:30:00+05:30
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