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मुख्यमंत्री की तीर्थयात्रा को चूना लगा रहे हैं कर्मचारी

* गरीबों की जगह साहूकारों को मिल रहा है तीर्थयात्रा का लाभ
* पदस्थापना जिपं में तीर्थयात्रा ट्रेन के समय काम करने पहुंच जाते हैं सामाजिक न्याय विभाग में

शिवपुरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के नागरिकों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थानों के दर्शन कराने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना प्रारंभ की है। एक ओर शासन जनहित में विभिन्न प्रकार की योजनाएं क्रियान्वित कर रहा है। वहीं दूसरी ओर शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा शासन की योजनाओं में पलीता लगाया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजनांतर्गत जिला मुख्यालय पर पदस्थ कर्मचारी द्वारा यात्रियों से अवैध रूप से पैसा वसूला जा रहा है।
यात्री से की पैसों की मांग
नारायण सिंह रावत 84 वर्ष पत्नी श्रीमती आशा रावत निवासी राजपुरा रोड शिवपुरी का चयन मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा के तहत हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि रामेश्वरम यात्रा के लिए जब उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग कार्यालय में रेलवे कार्ड पाने के लिए शिवकुमार सोनी लिपिक से संपर्क किया गया तो उन्होंने 2500 रु. प्रति व्यक्ति अर्थात दो लोगों के 5000 रु. की मांग की। इस पर उपरोक्त व्यक्ति द्वारा आपत्ति करने पर श्री सोनी ने अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि चाहे जिसके पास चले जाओ यात्रा पर नहीं जा सकते, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

मूल कार्य किया दरकिनार
सामाजिक न्याय विभाग कार्यालय में पदस्थ लिपिक शिवकुमार सोनी का मूल कार्य सरपंच व सचिवों के प्रकरणों का निराकरण करना है लेकिन शिवकुमार सोनी तीर्थ यात्रा का जबरन कार्य देख रहे हैं। यात्रा का पूर्व कार्य हरवंश त्रिवेदी द्वारा देखा जा रहा था लेकिन सोनी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जिसके कारण उन्होंने कार्य छोड़ दिया। अब सर्वेसर्वा बने सोनी यात्रियों से अवैध वसूली कर रहे हैं।

नामचीन चेहरे हर यात्रा में
प्रत्येक यात्रा में शिवकुमार सोनी के चेहरे हीरालाल पारौलिया व पोहरी के दो पंचायत सचिव अनुरक्षक बनकर प्रत्येक यात्रा में जाते हैं। गौरतलब यह है कि उक्त तीनों लोगों के अलावा जिलेभर में अन्य कोई व्यक्ति अनुरक्षक बनने के योग्य नहीं है?

चयनित सूची में किया जाता है उलटफेर
जिला मुख्यालय तहसील व अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों में से चयन कर भेजी जाने वाली सूची जिसे सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी किया जाता है। उनमें सामाजिक न्याय विभाग में पदस्थ शिवकुमार सोनी द्वारा यात्रियों से अवैध वसूली कर उलटफेर कर दिया जाता है जिसके कारण चयनित नागरिक यात्रा से वंचित रह जाते हैं।

यात्रा के समय ही नजर आते हैं
सामाजिक न्याय विभाग के शिवकुमार सोनी को शासकीय कार्य से कोई सरोकार नहीं है वे केवल उस समय ही कार्यालय में नजर आते हैं जब तीर्थ यात्रा का कार्यक्रम होता है, शेष दिनों में वे कार्यालय में उपस्थित होने तक में अपनी तौहीन समझते हैं जिससे शासकीय कार्य बाधित होते हैं।

चंद वर्षों में लिपिक बना लाखों का मालिक
जानकारी के अनुसार सामाजिक न्याय विभाग में पदस्थ लिपिक शिवकुमार सोनी अपनी पदस्थी के चार पांच वर्ष तक अपनी टूटी-फूटी साइकिल से कार्यालय आता था लेकिन चंद वर्षों में ही उसके पास आलीशान मकान व चार पहिया वाहन हो गए जो इस तथ्य को स्पष्ट उजागर करता है कि उक्त संपत्ति शिवकुमार सोनी ने किस तरीके से अर्जित की है। यदि जिला प्रशासन द्वारा उक्त मामले की ईमानदारी से जांच कराई जाती है तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। 

Updated : 2014-09-21T05:30:00+05:30
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