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भारत-चीन शिखर वार्ता खत्म, बारह समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

भारत-चीन शिखर वार्ता खत्म, बारह समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
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नई दिल्ली। राजधानी के हैदराबाद हाउस में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अहम शिखर वार्ता खत्म हो गई। यह वार्ता करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस दौरान चीनी सैनिकों की घुसपैठ समेत सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई। इस वार्ता के दौरान कुल बारह समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
इनमें कैलाश मानसरोवर के लिए नया रूट खोलने, पांच वर्षो के दौरान अर्थव्यवस्था में सुधार के तहत दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा, रेलवे को मजबूत करने, समेत अंतरिक्ष, आयात-निर्यात, ऑडियो-वीडियो और मीडिया, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य, सिनेमा के क्षेत्र शामिल हैं।
इस शिखर वार्ता पर बौद्ध धर्म गुरू दलाई लामा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि एशिया के लिए दोनों देशों के बीच दोस्ती जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चीन को भारत से सीख लेने की जरूरत है। इसके अलावा चीन को और अधिक लोकतांत्रिक बनने की जरूरत है। उन्होंने चिनफिंग को काफी सुलझा हुआ व्यक्ति बताया है। आज हुई दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की शिखर वार्ता में में भारत की तरफ से लद्दाख में चीनी सैनिकों द्वारा की गई घुसपैठ का भी मुद्दा उठाया गया। भारत ने इस मुद्दे पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल सभी चीनी सैनिकों की भारतीय सीमा से वापसी की मांग की। इससे पहले कल शी चिनफिंग के साथ अहमदाबाद में हुई मुलाकात के दौरान भी मोदी ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया था। द्विपक्षीय वार्ता शुरू होने से पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात कर उनका स्वागत किया। उन्होंने चीनी भाषा में शी से कहा कि वह भारत आगमन पर उनका दिल से स्वागत करती हैं।
इससे पूर्व शी चिनफिंग का राष्ट्रपति भवन में आधिकारिक स्वागत किया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उनकी कैबिनेट के सभी मंत्री मौजूद थे। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर चिनफिंग ने कहा कि बतौर राष्ट्रपति यह भारत की उनकी पहली यात्रा है। वह भारत की यात्रा से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में और अधिक मजबूती आएगी। दोस्ती से दोनों देशों को फायदा होगा। दोनों देश मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और चीन की हजारों वर्षो की साझा सांस्कृतिक विरासत है।
बाद में चीन के राष्ट्रपति राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर भी गए और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उनकी पत्नी पेंग लीयुआन भी साथ थीं। गौरतलब है कि शी चिनफिंग बुधवार को तीन दिवसीय भारत यात्रा पर अहमदाबाद पहुंचे थे। यह पहला मौका था जब किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष का स्वागत अहमदाबाद में किया गया था। 



Updated : 2014-09-18T05:30:00+05:30
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