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भिण्ड की बोली में बोले जिलाधीश

सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा बैठक आयोजित

भिण्ड। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रदेश सरकार गरीबों के हित संरक्षण की दिशा में काम कर रही है। जिनके अंतर्गत अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। इसलिए उनको लाभ मिलना चाहिए। अगर गरीबों के हितों में रुकावट डालने वालों के अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन पहुंचाने वाली व्यवस्था में डांका डाला जाता है, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
उक्त उद्गार जिलाधीश मधुकर आग्नेय ने आज जिलाधीश कार्यालय के सभागार में आयोजित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कार्य की समीक्षा बैठक में व्यक्त किए। बैठक में अतिरिक्त जिलाधीश पी.के. श्रीवास्तव, संयुक्त जिलाधीश अनुज रोहतगी, एस.डी.एम. लहार राजेश राठौर, भिण्ड बी.बी. अग्निहोत्री, मेहगांव उमेश शुक्ला, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं रविशंकर गौर, महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक सगर, आपूर्ति अधिकारी विनोद चौहान, अधीक्षक भू-अभिलख यू.एस. सिरकवार, तहसीलदार भिण्ड रामनिवास सिकरवार, मेहगांव एल.के. पाण्डेय, गोहद आर.के. दुबे, अटेर एस.के. राय, रौन एवं मिहोना जे.एल. तिवारी, गोरमी मनीष श्रीवास्तव, एएफओ गोहद कुशवाह, आपूर्ति निगम के प्रबंधक श्रीवास्तव, जिले के नायब तहसीलदार, लीड संस्थाओं के प्रभारी उपस्थित थे।
जिलाधीश मधुकर आग्नेय ने कहा कि भिण्ड जिले में पीडीएस के अंतर्गत 482 दुकानें संचालित की जा रही हैं। जिनके द्वारा जुलाई 14 तक उपभोक्ताओं को गेंहू, चावल, शक्कर और नमक खाद्यान्न के रूप में प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिले की 11 लीड संस्थाओं के माध्यम से भिण्ड, मेहगांव, गोहद, लहार, अटेर, रौन, मिहोना, गोरमी आदि क्षेत्रों में पी.डी.एस. व्यवस्था के अंतर्गत माह अगस्त का खाद्यान्न समयसीमा में उपलब्ध कराने की व्यवस्था विभागीय अधिकारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के अंतर्गत खाद्यान्न पहुंचाने में कोई आड़े नहीं आना चाहिए। साथ ही लीडवार राशन दुकानों पर सीधा खाद्यान्न पहुंचाने के लिए रूटचार्ट तैयार किया जाकर राज्य शासन द्वारा दी गई व्यवस्था के अनुरूप उपभोक्ताओं को खाद्यान्न पहुंचाया जाए।
जिलाधीश ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न के रूप में गेहूं, चावल, शक्कर और नमक का वेयर हाउस से उठाव किया जाकर माल राशन दुकानों पर सीधा पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। माल को कोई भी लीड अपनी दुकान पर डम्प नहीं करें। साथ ही उठाव के बाद निर्धारित की गई परिवहन व्यवस्था की गाड़ी से उचित मूल्य की दुकान पर माल पहुंचाया जाए। इस कार्य की मॉनीटरिंग जिले के एस.डी.एम., आपूर्ति अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदा, खाद्य निरीक्षक द्वारा की जाए। साथ ही लीड संस्था के माध्यम से माल राशन दुकान पर पहुंचाने की सूचना प्रतिदिन वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी क्षेत्र से पीडीएस व्यवस्था के अंतर्गत कालाबाजारी करने की शिकायत मिलती है, तब आवश्यक वस्तु अधिनियम और 1980 में बनाए गए कालाबाजारी एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया जाए। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की लीड संस्था और राशन दुकानवार गेहूं, चावल, शक्कर व नमक उपलब्ध कराने के कार्य की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में पीडीएस व्यवस्था को चुस्त और दुरुस्त बनाने के लिए एसडीएम मेहगांव उमेश शुक्ला, उपपंजीयक सहकारी संस्थाएं रविशंकर गौर, आपूर्ति अधिकारी विनोद चौहान, तहसीलदार भिण्ड रामनिवास सिकरवार, मेहगांव एल.के. पाण्डे, आपूर्ति निगम के प्रबंधक श्रीवास्तव ने उपयोगी सुझाव दिए।

Updated : 2014-09-13T05:30:00+05:30
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