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फर्जी वाहन परमिटों की पुलिस पड़ताल, दलालों के बाद बाबुओं से होगी पूछताछ

ग्वालियर । शहर में अवैध रूप से चल रहे सैकड़ों टेम्पो को परिवहन विभाग से फर्जी परमिट जारी किए जाने की शिकायत की पड़ताल अपराध शाखा पुलिस कर रही है। शिकायत मिलने के बाद अब तक दलालों एवं कम्प्यूटरीकरण का काम देखने वाली कंपनी के कुछ कर्मचारियों से हुई पूछताछ में कुछ विभागीय बाबुओं के नाम भी सामने आए हैं। अब शीघ्र ही पुलिस इन बाबुओं को बुलाकर फर्जी परमिटों के संबंध में पूछताछ करेगी।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में एक व्यक्ति द्वारा शहर में फर्जी तरीके से चल रहे टेम्पो के लिए परिवहन विभाग कार्यालय से फर्जी परमिट जारी किए जाने की शिकायत की थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने मामले की जांच अपराध शाखा पुलिस को सौंपी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध शाखा) श्रीमती प्रतिमा एस. मैथ्यू ने शिकायत पर दो दिन विभाग में इस काम से जुड़े कुछ दलालों और अस्थाई लिपिकों एवं कर्मचारियों से पूछताछ की। पुलिस ने गोल पहाडिय़ा क्षेत्र में रहने वाले ऐसे ही एक दलाल से देर रात तक पूछताछ की तथा सुबह उसे छोड़ा। इस दलाल ने फर्जी परमिटों को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुराग पुलिस को दिए हैं। हालांकि अपराध शाखा पुलिस अभी कुछ अन्य गंभीर मामलों को सुलझाने में उलझी है इस कारण इस फर्जीवाड़े पर निरंतर काम नहीं कर सकी है। हालांकि पुलिस शीघ्र ही फर्जी परमिट जारी किए जाने में शामिल सभी लोगों को पकड़कर इस फर्जीवाड़े का खुलास करने की बात कह रही है।

सीलिंग के बाद भी बढ़ते रहे टेम्पो: आरटीओ
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अशोक निगम का कहना है कि वर्ष 1993 में परमिटों की सीलिंग होने के बाद विभिन्न कारणों से तत्कालीन क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों द्वारा कुछ परमिट जारी किए गए। इनमें कुछ परमिट शहर की जनसंख्या बढऩे पर सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में लिए गए निर्णय के आधार पर जारी हुए तो कुछ याचिकाओं की सुनवाई के बाद न्यायालय के आदेशों पर भी जारी हुए। इसी प्रकार विगत वर्षों में नगर निगम सीमा एवं शहर के बाहरी मार्गों पर कुछ परमिट जारी किए गए।
हालांकि इनमें कई टेम्पो अपनी व्यवस्था बनाकर धीरे से नगर निगम सीमा के मुख्य मार्गों के टेम्पो की सूची में शामिल हो गए। इसी प्रकार 4-4 माह के अस्थाई परमिट के आधार पर चल रहे टेम्पो ने भी शहर में टेम्पो की संख्या बढ़ाई। श्री निगम ने बताया कि वर्ष 2013 में नगर निगम सीमा के अंदर सीएनजी से चलाए जाने के लिए स्वीकृत हुए 466 परमिटों पर आरक्षण प्रणाली को लेकर न्यायालय ने स्थगन आदेश दिया है। स्थगन खुलते ही इन्हें जारी किए जाएगा।
श्री निगम का कहना है कि अस्थाई परमिट जारी होने के बाद इनकी समयसीमा बढ़ाए जाने का काम लिपिक एवं कार्यालय अधीक्षक स्तर पर चलता रहा। हालांकि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने अब इस तरह के टेम्पो शहर में नहीं चलाए जाने के लिए इसकी कम्युटरीकृत सूची तैयार करा ली है। अस्थाई टेम्पो के परमिटों की समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद उन्हें अगले चार माह तक परमिट नहीं जारी नहीं किए जाने का निर्णय भी लिया गया है।

इनका कहना है

''परिवहन विभाग से जारी हुए फर्जी वाहन परमिटों की जांच की जा रही है। इस संबंध में कुछ संदेहियों से पूछताछ हो चुकी है। इस फर्जीवाड़े के कुछ सबूत एवं जानकारी मिली है। जल्दी ही इसकी पड़ताल पूरी कर इसकी सच्चाई सामने लाई जाएगी
प्रतिमा एस.मैथ्यू
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
अपराध शाखा पुलिस
''विभागीय सूची के अनुसार नगर निगम सीमा में चलने वाले 716 टेम्पो के जीवन्त परमिट हैं। सूची विभागीय बेवसाइट पर पड़ी है। किसी भी यूनियन या व्यक्ति के दबाव में शासन के नियम नहीं तोड़े जाएंगे। फर्जी परमिट कार्यालय के बाहर का मामला है, अगर कोई कर्मचारी इसके लिए दोषी है तो पुलिस कार्रवाई करे।''
अशोक निगम
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी
ग्वालियर 

Updated : 2014-09-12T05:30:00+05:30
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