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मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव के निरीक्षण से मचा हड़कम्प

मुख्य सचिव को नगर निगम में नहीं मिले अधिकारी 

झांसी। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने नगर निगम पहुंचकर वहां के कामकाज का निरीक्षण किया जहां पर पहुंचते ही देखा कि जन्म मृत्यु कार्यालय में ऑनलाइन की व्यवस्था पूर्ण है कि नहीं उक्त संदर्भ में जानकारी ली। जिस पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि जन्म मृत्यु के फार्म ऑनलाइन भराये जाते हैं। जनता की शिकायत केन्द्र का रजिस्टर देखा व रोजाना शिकायतों की जानकारी ली। उक्त मामले में निस्तारण के संदर्भ में जानकारी लेते हुए कहा कि जनता की समस्या का निस्तारण कितने समय में किया जाता है। जिसमें मौजूद कर्मचारी ने कहा कि एक सप्ताह में समस्या का निस्तारण की रिपोर्ट शिकायत कर्ता को दे दी जाती है। मुख्य सचिव ने नगर निगम में अन्य विभागों का निरीक्षण करने के लिए जैसे ही आगे बड़े तो देखा कि नगर निगम में कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। जिस पर उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त व अपर आयुक्त कहा है। तो मौजूदा लोगों ने जानकारी दी। कि वह प्रमुख सचिवों के साथ शहर के निरीक्षण पर गये हैं। जिस पर उन्होंने कहा कि उप नगर आयुक्त होना चाहिए। लेकिन जब कोई मौजूद नहीं मिला तो मुख्य सचिव ने कहा कि निरीक्षण करने से क्या फायदा जब कोई यहां मौजूद ही नहीं।
मुख्य सचिव आलोक रंजन के निरीक्षण के बाद नगर विकास सचिव श्री प्रकाश सिंह नगर निगम पहुंचे, जहां पर नगर निगम के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। स्वागत के बाद नगर विकास प्रमुख सचिव ने नगर निगम का निरीक्षण किया जिसमें सबसे पहले उन्होंने जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र व शिकायत केन्द्र का निरीक्षण किया। जहां पर शिकायत रजिस्टर में व जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के रजिस्टर में पृष्ठ संख्या नहीं होने पर नाराजगी जताई व रजिस्टर को जांचकर उक्त रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर दिये। लेखा विभाग व खंजाची विभाग पहुंचकर वहां के हालातों की जानकारी ली तो देखा कि मौजूदा रजिस्टरों में कमी पाये जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कामकाज को सही तरीके से करिये। गृहकर का जो पैसा आता है वह खंजाची विभाग में जमा होता है, लेकिन खंजाची से पूछा गया कि रूपयों का कहा रखते हो, तो खंजाची ने कहा कि वह अपने टेबिल की रेक में आई राशि को रखता है। जिस पर नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि यह व्यवस्था ठीक नहीं है।
महापौर कक्ष में पहुंचते ही वहां मौजूद पार्षदों ने प्रमुख सचिव को जानकारी देते हुए कहा कि पार्षद कक्ष की व्यवस्था ठीक नहीं हैं पुराने सौफे व अन्य संसाधन जर्जर है। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त को उक्त संदर्भ में कहा कि यह व्यवस्था ठीक की जाये। डीजल मामले में एक पार्षद ने प्रमुख सचिव को जानकारी दी। जिसमें बताया कि डीजल में हेराफेरी की जाती है। जिस पर प्रमुख सचिव ने कहा कि उक्त मामले में सम्बंधित अधिकारी की जांच की जायेगी।
निरीक्षण के दौरान जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव श्री प्रकाश सिंह ने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था अस्त-व्यस्त है। उन्होंने कहा कि मैंने नई बस्ती, सिविल लाइन, डडियापुरा, अलीगोल सहित अन्य स्थानों का निरीक्षण किया जहां पर क्रॉसिंग को देखा गया। वह जगह-जगह से टूटे हुए पड़े हैं। जिससे जनता दुर्घटना ग्रस्त हो जाती है। ऐसे स्थानों को तत्काल ठीक कराये जाने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव के निरीक्षण से नगर निगम में मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कम्प मचा रहा।
उन्होंने बताया कि नगर निगम की कार्यशैली पर पूर्णतया जानकारी ले ली गई है व उक्त मामले में लखनऊ में समीक्षा के दौरान कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। 

Updated : 2014-06-29T05:30:00+05:30
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