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भाजपा संसदीय दल के नेता चुने गए नरेंद्र मोदी

भाजपा संसदीय दल  के नेता चुने गए नरेंद्र मोदी
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नई दिल्ली | नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी के संसदीय दल के नेता चुन लिए गए। इसके साथ ही गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी का प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। इसके उपरांत उन्‍हें एनडीए का नेता भी चुन लिया गया।
मोदी के नाम का प्रस्ताव संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित एक बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने किया और मुरली मनोहर जोशी, वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली सहित अन्य नेताओं ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
मोदी ने बीजेपी के संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद मंगलवार को अपने संबोधन में कहा कि जिम्मेदारी के एक युग की शुरुआत हो गई है। संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद मोदी के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। संसद के केंद्रीय कक्ष में पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों व अन्य नेताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि लोकसभा में भाजपा को मिला बहुमत 'आशा और विश्वास' को मिला मत है। पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोदी ने कहा कि उन्हें भाजपा के ऊपर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने पार्टी को लोकसभा चुनाव में मिली शानदार जीत का श्रेय संगठन की शक्ति को दिया।
गुजरात के मुख्यमंत्री उस वक्त भावुक हो गए जब उन्होंने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की बात का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने (मोदी) चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कर कृपा की है। मोदी ने कहा कि कृपया कर कृपा शब्द का इस्तेमाल न करें। एक बेटा अपनी मां पर कृपा नहीं करता है। बेटा समर्पण के साथ काम करता है। मैं भाजपा को अपनी मां मानता हूं।
मोदी ने इस मौके पर कहा कि मोदी ने कहा कि वह सभी लोगों के आभारी हैं कि आप लोगों ने उनको ऐसा दायित्व सौंपा है। उन्होंने कहा कि जो भी जिम्मेदारी मिली है उसको पूरा करने के लिए खुद को समर्पित करना होगा। मोदी ने कहा कि आज अगर इस मौके पर अटल जी होते तो आज सोने पर सुहागा होता। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र का मंदिर है। इस मंदिर में पूरी पवित्रा के साथ बैठक कर हम पूरे देशवासियों की आशाओं को समेट कर बैठे हैं। इस दौरान अटल जी का नाम लेते हुए मोदी भावुक हो गए।
गौरतलब है कि हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में मोदी के नेतृत्व में भाजपा को 545 सदस्यीय लोकसभा में 282 सीटें हासिल हुई, जो पूर्ण बहुमत पाने वाली पहली गैर कांग्रेस सरकार बन गई है। कांग्रेस को चुनाव में सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है और इसके सांसदों की संख्या सिमट कर 44 हो गई है।
आडवाणी ने कहा कि यद्यपि मुझे नेता के नाम का प्रस्ताव करना है, लेकिन मुझे संभवत: उस नाम का समर्थन करना है जिसे पार्टी पहले ही तय कर चुकी है। राजनाथ ने इसके बाद नेता के रूप में मोदी के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी। राजनाथ ने इसे ऐतिहासिक घटना करार देते हुए कहा कि भारतीय राजनीति का ऐसा युग शुरू हुआ है जिस पर भाजपा का प्रभुत्व है और दूसरी सभी पार्टियां 'अन्य' बन गई हैं। उन्होंने कहा कि यह एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक पल है। हालांकि, 1977 में जनता पार्टी को बहुमत मिला था और कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई थी, लेकिन वह विभिन्न पार्टियों का समूह थी। भाजपा पहली पार्टी है जिसने यह कमाल खुद कर दिखाया है। 

Updated : 2014-05-20T05:30:00+05:30
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