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मुजफ्फरनगर सांपद्रायिक हिंसा में 31 की मौत

मुजफ्फरनगर सांपद्रायिक हिंसा में 31 की मौत
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मुजफ्फरनगर | उत्‍तर प्रदेश के हिंसाग्रस्‍त मुजफ्फरनगर जिले को सेना के हवाले कर दिया गया है। हालात पर काबू पाने के लिए सेना ने पूरी तरह कमान संभाल ली है। सेना ने रविवार को विभिन्‍न जगहों पर फ्लैग मार्च किया। उधर, प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मुजफ्फनगर के चार थाना क्षेत्रों में भी कर्फ्यू जारी है।
हिंसक घटनाओं में 14 लोगों के मरने के साथ ही अब तक झड़पों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31हो गई है और 40 लोग घायल हुए हैं। प्रशासन और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) एडीजी अरुण कुमार ने इन सभी मौतों की पुष्टि कर दी है। कई जगहों पर दूसरे दिन भी आगजनी और फायरिंग की घटनाएं हुई। अब तक 52 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रशासन के अनुसार, उपद्रवियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बागपत के बरोट थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में भड़की हिंसा में एक व्यक्ति मारा गया और चार घायल हो गए। मुजफ्फरनगर के आसपास के जिलों में भी तनाव फैलता देख वहां सेना को तैनात किया गया। शामली में सेना की एक टुकड़ी भेजी जा चुकी है और मेरठ में सेना ने फ्लैग मार्च किया। सेना की तैनाती के बाद भी मुजफ्फरनगर जनपद में हिंसा नहीं थम रही है।
बीते रविवार को कई गांवों में उपद्रवियों ने धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ की, मकानों में आगजनी और फायरिंग की। बहावडी गांव में उपद्रवियों ने बोतल पेट्रोल बम का इस्तेमाल भी किया। सेना के जवानों और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर जैसे-तैसे हालात पर काबू पाया। दो गांवों में उग्र भीड़ से घिरे 200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया गया।
शासन ने जिले के ग्रामीण इलाकों में फैली हिंसा को रोकने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। पुलिस और सेना स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई है। अरुण कुमार ने कहा कि ज्यादातर इलाकों में हिंसा पर काबू पा लिया गया है और बाकी जगहों पर जल्द ही हालात काबू में कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में हिंसा फैलने की वजह से कार्रवाई में दिक्कतें आ रही हैं लेकिन प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाए। छह गांवों में हिंसा फैली है। उन्होंने कहा कि महापंचायत आयोजित करने वाले लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हिंसा में 40 लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। अब तक 53 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हिंसा जिले के ग्रामीण इलाकों तक फैल चुकी है और इसीलिए सेना की मदद ली गई है। ग्रामीण इलाकों में सेना के जवानों को पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन हालात नियंत्रण में हैं। जिले के सिसौली, शाहपुर, बानिग, कालापार और बारातालाब में हिंसा फैली है। ज्ञात हो कि जिले में शनिवार को आहूत महापंचायत के बाद लौट रही भीड़ पर शरारती तत्वों द्वारा पथराव किए जाने के बाद जिले में हिंसा भड़क उठी। हिंसा जिले के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैल गई। इस बीच जिला प्रसासन और सेना की टुकड़ियों के लगाए जाने के बाद भी कई जगहों पर लगातार गोलीबारी की घटनाएं सामने आ रही हैं। जिलाधिकारी कौशल राजशर्मा ने उपद्रवियों से सख्ती से निपटने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर की हिंसक घटना को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। हिंसक घटना के लिए जिम्मेदार व दोषी व्यक्तियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और हर हाल में शांति व्यवस्था कायम की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर में 26 अगस्त को छेड़छाड़ की एक घटना के बाद भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसी घटना को लेकर शनिवार को महापंचायत बुलाई गई थी।

Updated : 2013-09-09T05:30:00+05:30
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