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भारत-चीन ने किए आठ समझौते, शांति के उपायों पर सहमति

भारत-चीन ने किए आठ समझौते, शांति के उपायों पर सहमति
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नई दिल्ली | भारत और चीन के बीच शीर्ष नेतृत्व ने सीमा पर शांति सुनिश्चित करने के लिए नए उपाय करने पर सहमित जाहिर की और आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए। लद्दाख में चीनी सेना के भारतीय क्षेत्र में 19 किलोमीटर तक भीतर तक घुसकर तंबू गाड़ने की घटना का शांतिपूर्ण समाधान होने के बावजूद चीन के प्रधानंमत्री ली केकियांग के साथ बातचीत में सीमा पर शांति का मामला ऊपर रहा और भारत ने यह साफ बता दिया कि दोनों देशों के संबंधों के आधार सीमा पर शांति है और इसे हर कीमत पर बरकरार रखना होगा।
दोनों पक्षों ने आपसी संबंध बढ़ाने के लिए जिन आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए उनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा, जल प्रबंधन, शहरी विकास और आर्थिक मामलों संबंधी शामिल हैं। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने सीमा पर शांति कायम रखने पर सहमित व्यक्त करते हुए अपने विशेष प्रतिनिधियों से शांति के लिए अतिरिक्त उपायों पर बातचीत करने का कहा है। भारत ने चीनी प्रधानमंत्री को स्पष्ट बता दिया कि सीमा विवाद के हल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा। दूसरी ओर चीनी प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि सीमा को लेकर कुछ समस्याएं हैं और दोनों देशों में इस बात पर सहमित है कि सीमा प्रबंधन तंत्र में सुधार की जरूरत है।
ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाने की चीनी गतिविधियों को लेकर भारत की चिंताओं को दूर करने की पहल करते हुए दोनों देशों ने एक महत्वपूर्ण समझौता किया, जिसके तहत चीन हर साल एक जून से लेकर 15 अक्टूबर तक दिन में दो बार अपने हाइड्रोलॉजिकल स्टेशनों के जल स्तर और जल प्रवाह संबंधी सूचनाएं भारत को देगा।
कैलास मानसरोवर यात्रा हर साल मई से सितंबर के बीच आयोजित करने संबंधी फैसले पर विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और चीनी विदेश मंत्री वांग ई ने हस्ताक्षर किए। चीन ने कैलास मानसरोवर यात्रियों की सुविधाओं में सुधार करने और संचार के लिए किराए पर वायरलेस सेट और लोकल सिम कार्ड उपलब्ध कराने का समझौता किया।
आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने तीन कार्यसमूह गठित करने का समझौता किया। इस समझौते पर वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा और चीन के वाणिज्य मंत्री कुआ हुचेंग ने हस्ताक्षर किए। शहरी क्षेत्रों में सीवेज ट्रीटमेंट और आपसी हित मामलों में अपने अनुभवों का साझा करने संबंधी सहमित पत्र हस्ताक्षर किए गए।
दोनों देश अपने लोगों के बीच संबंध बढाने के लिए अपने विभिन्न नगरों और राज्यों की पहचान कायम करने पर सहमत हो गए, ताकि इन नगरों और राज्यों के लोगों के बीच आपसी संपर्क बढाया जा सके।

Updated : 2013-05-20T05:30:00+05:30
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