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भारतीय टीम 495 रन पर ऑलआउट, 313 रनों की बढ़त

भारतीय टीम 495 रन पर ऑलआउट, 313 रनों की बढ़त
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मुंबई | भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के दूसरे दिन अपनी पहली पारी में 495 रन बनाए। भारत को इस तरह से पहली पारी के आधार पर 313 रन की बढ़त मिली है। वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में 182 रन बनाए थे।
रोहित शर्मा 11 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 111 रन बनाकर नाबाद लौटे। वहीं मौहम्मद शमी 11 रन बनाकर नरसिंह देवनारायण की गेंद पर टीनो बेस्ट को कैच थमा बैठे।
इससे पहले प्रज्ञान ओझा बिना खाता खोले रनआउट हो गए। भुवनेश्वर कुमार 4 रन बनाकर शेन शिलिंगफोर्ड की गेंद पर आउट हो गए। आर.अश्विन 30 रन बनाकर शैनन गेब्रियल की गेंद पर आउट हो गए। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी 4 रन बनाकर टीनो बेस्ट की गेंद पर सैमी को कैच थमा बैठे। चेतेश्वर पुजारा ने अपनी 113 रन की बेहतरीन पारी में 12 चौके लगाए। वह गेंदबाज़ शेन शिलिंगफोर्ड की गेंद पर कॉट एंड बोल्ड हो गए। विराट कोहली 5 चौकों की मदद से 57 रन बनाकर शेन शिलिंगफोर्ड की गेंद पर कप्तान डैरेन सैमी को कैच थमा बैठे। तेंदुलकर और पुजारा ने तीसरे विकेट के लिए 144 रन की साझेदारी करके बड़े स्कोर की नींव रखी जिससे मैच के तीसरे दिन समाप्त होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। सुबह का सत्र तेंदुलकर के नाम रहा जो अपना 200वां और आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे हैं। उन्होंने 38 रन से अपनी पारी आगे बढ़ायी और आज 68 मिनट तक क्रीज पर टिके रहे। उन्होंने कुल 118 गेंद का सामना किया तथा 12 दर्शनीय चौके लगाए।
वानखेड़े में पहुंचने वाले सभी दर्शकों को उम्मीद थी कि वह शतक लगाएंगे लेकिन जब वह 74 रन पर थे तब आफ स्पिनर नरसिंह देवनरिन की थोड़ा उछाल लेती गेंद को तेंदुलकर ने कट करने की कोशिश की लेकिन वह स्लिप में खड़े विरोधी टीम के कप्तान डेरेन सैमी के हाथों में चली गयी। देवनारिन का नाम निश्चित तौर पर आने वाले वर्षों में इतिहास में दर्ज होगा क्योंकि लगता नहीं कि वेस्टइंडीज भारत को दूसरी बार बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित करने में सफल रहेगा। पिच अभी से टूट गयी है और इसमें आगे बल्लेबाजी करना आसान नहीं होगा।
हालांकि जब तक तेंदुलकर क्रीज पर हरे तब तक लोगों को पुराने तेंदुलकर की वास्तविक झलक देखने को मिली।
पुजारा जब स्ट्राइक रोटेट करने पर ध्यान दे रहे थे तब तेंदुलकर ने कुछ दर्शनीय स्ट्रोक लगाए। शेन शिलिंगफोर्ड पर उनका लेट कट, टिनो बेस्ट पर कवर पर लगाया गया बैकफुट पंच और ड्राइव दिलकश थे। उन्होंने बेस्ट पर ड्राइव लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। यह तेंदुलकर का 68वां टेस्ट अर्धशतक था जो 91 गेंद में बना।
तेंदुलकर की पारी की विशेषता उनका शानदार फुटवर्क, ऑफ स्टंप से बाहर जाती फुललेंथ गेंदों को छोड़ना और गेंद की सही लाइन में आकर ड्राइव लगाना रहा। उन पर किसी तरह का दबाव नहीं दिख रहा था।

Updated : 2013-11-15T05:30:00+05:30
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