Latest News
Home > Archived > मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकी ढेर

मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकी ढेर


श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों ने 18 घंटे की मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के दो स्थानीय आतंकियों को मार गिराते हुए उनके आश्रयदाता को भी हिरासत में ले लिया है। आतंकियों के पास से दो एसाल्ट राइफलें, तीन मैगजीन, 120 कारतूस, तीन हथगोले, दो डायरियां, तीन मैट्रिक्स और दो मोबाइल फोन व उनके सिमकार्ड भी बरामद हुए हैं। मारे गए आतंकियों में शामिल आशिक अहमद शाह उर्फ आशिक पीर वर्ष 2010 में आतंकी बनने से पहले ब्वायज डिग्री कॉलेज अनंतनाग में कंप्यूटर ऑपरेटर था।
वर्ष 2012 में सुरक्षाबलों व आतंकियों के बीच कश्मीर में यह पहली मुठभेड़ है। आडूरा-लित्तर गांव में लश्कर के दो आतंकी ठंड और हिमपात से बचने के लिए अपने एक आश्रयदाता बशीर अहमद शाह के मकान में आए थे। शाम सवा छह बजे के बाद वहां से गुजर रहे 55 आरआर के एक गश्तीदल ने कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी और संदेह के आधार पर तलाशी लेनी चाही। इस पर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग की सूचना मिलते ही निकटवर्ती चौकियों से पुलिस और अ‌र्द्धसैनिकबल भी मौके पर पहुंच गए।
सुरक्षाबलों ने किसी भी नागरिक क्षति से बचने के लिए मुठभेड़ स्थल से सटे मकानों से आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उन्होंने आतंकियों को भी आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। आतंकियों पर इसका असर नहीं हुआ और उन्होंने गोलीबारी जारी रखी।
शनिवार सुबह आतंकियों ने मकान की खिड़की से बाहर निकल कर भागने का प्रयास किया। सुरक्षाबलों ने उनकी इस कोशिश को नाकाम बनाते हुए एक आतंकी को मार गिराया। यह आतंकी सुबह नौ बजे के करीब मारा गया, जबकि उसका दूसरा साथी दोपहर 12 बजे के आसपास मारा गया। इस दौरान उनका ठिकाना बना मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया। सुरक्षाबलों ने बाद में मकान मालिक बशीर अहमद शाह को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस बरार ने मुठभेड़ में दो आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि उनकी पहचान आशिक अहमद शाह पुत्र गुलाम अहमद शाह निवासी पंजगाम अवंतीपोरा और मुदस्सर अहमद उर्फ आमिर पुत्र गुलाम अहमद शेख निवासी यमरच-कुलगाम के रूप में हुई है। मुदस्सर बीते तीन साल से लश्कर में शामिल था, जबकि आशिक मई 2010 में आतंकी बना है। देर शाम आशिक हुसैन का शव उसके गांव लाया गया तो वहां हजारों की तादाद में महिलाएं, पुरुष और बच्चे देश विरोधी नारेबाजी करते हुए उसके जनाजे में शामिल हुए।


Updated : 2012-02-04T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top