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भारत ने दिए झटके, लेकिन इंग्लैंड मजबूत

भारत ने दिए झटके, लेकिन इंग्लैंड मजबूत
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कोलकाता | कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में इग्लैंड ने भारत के खिलाफ अच्छी बढ़त हासिल कर ली है। हालांकि ट्राट (87 रन) और कुक (120 रन) के आउट होने के बाद भारत ने जल्दी-जल्दी विकेट झटके, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इंग्लैंड ने छह विकेट खोकर 484 रन बना लिए हैं। 316 रन के जवाब में तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के तीसरे दिन चाय के विश्राम तक तीन विकेट पर 381 रन बनाए थे। कुक 190 रन बनाकर रन आउट हो गए। लंच के बाद प्रज्ञान ओझा ने जोनाथन ट्राट को 87 रन के निजी स्कोर पर धोनी के हाथों लपकवाया। कुक और ट्राट के बीच दूसरे विकेट के लिए 173 रनों की साझेदारी हुई। कुक के आउट होने के बाद ईशांत शर्मा ने बेल को 5 रन के निजी स्कोर पर धोनी के हाथों कैच कराया। इसके बाद केविन पीटरसन 54 रन बनाकर अश्विन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट करार दिए गए। पटेल 33 रन के निजी स्कोर पर ओझा की गेंद पर सहवाग द्वारा कैच कर लिए गए। इंग्लैंड ने लंच तक एक विकेट पर 296 रन बनाए थे और उस वक्त एलेस्टेयर कुक 167 और जोनाथन ट्राट 66 रन बनाकर खेल रहे थे। इससे पहले, गुरुवार को बेहतरीन फॉर्म में चल रहे कप्तान एलिस्टेयर कुक की अगुवाई में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को अपने इशारों पर जमकर नचाया। कुक 236 गेंदों पर 19 चौकों और एक छक्के की मदद से 136 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम लिखवाए। कुक ने निक क्राम्पटन (57) के साथ पहले विकेट के लिए 165 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट पर 216 रन बनाए। इससे पहले महेंद्र सिंह धोनी (52) के अर्द्धशतक के बावजूद भारतीय टीम 316 रन पर आउट हो गई थी। इस तरह से इंग्लैंड अब भारत से केवल 100 रन पीछे है। बायें हाथ के स्पिनर मोंटी पनेसर (90 रन देकर चार विकेट) ने सुबह दो विकेट निकालकर भारत को कम स्कोर पर समेटने में अहम भूमिका निभाई। कुक ने 23वां शतक जड़कर इंग्लैंड की तरफ से सर्वाधिक शतक लगाने का नया रिकॉर्ड बनाया। इस बीच उन्होंने 7000 रन पूरे किए तथा सबसे कम उम्र (27 साल 347 दिन) और सबसे कम दिन (2482) में इस मुकाम पर पहुंचे। उन्होंने क्रमश: सचिन तेंदुलकर और अपने साथी केविन पीटरसन के रिकॉर्ड तोड़े। कुक ने अभी तक केवल एक बार भारतीयों को मौका दिया। जब वह 17 रन पर थे तब जहीर खान की गेंद पर चेतेश्वर पुजारा ने पहली स्लिप में उनका कैच छोड़ा था। इसके बाद उन्हें भारत के तेज और स्पिन मिश्रित आक्रमण का सामना करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने शृंखला में अपना लगातार तीसरा और कप्तान के रूप में लगातार पांचवां शतक बनाकर नये रिकॉर्ड बनाए। बाएं हाथ के स्पिनर ओझा की गेंद पर काम्पटन ने स्वीप करने का प्रयास किया लेकिन गेंद उनके पैड से टकरा गयी। अंपायर राड टकर ने पहले अपील ठुकराने के अंदाज में सिर हिलाया लेकिन फिर उन्होंने उंगली उठा दी। काम्पटन फैसले से खुश नहीं थे क्योंकि उन्हें लग रहा था कि गेंद उनके ग्लब्स को चूमने के बाद पैड पर लगी थी। काम्पटन ने अपने करियर का पहला अर्द्धशतक लगाया। उन्होंने 137 गेंद खेली तथा छह चौके और एक छक्का लगाया। कुक ने इससे पहले ऑफ स्पिनर आर अश्विन की गेंद पर पैडल स्वीप से तीन रन लेकर अपना शतक पूरा किया। यह उनका भारत के खिलाफ पांचवां शतक है। इसके लिए उन्होंने 179 गेंद खेली तथा 14 चौके और एक छक्का लगाया। भारतीय गेंदबाजों ने कुक की एकाग्रता भंग करने के लिए हर संभव कोशिश की। धोनी ने भी गेंदबाजी में लगातार बदलाव किये लेकिन इंग्लैंड के कप्तान के सामने उनकी हर रणनीति नाकाम रही। कुक ने काम्पटन के साथ मिलकर शुरू में सजग रवैया अपनाया जिसका उन्हें अच्छा फायदा मिला। इन दोनों की यह शृंखला में दूसरी शतकीय साझेदारी है। कुक ने चायकाल से पहले इस शृंखला में 400 रन भी पूरे किए। उन्होंने अहमदाबाद (176) और मुंबई (122) में शतक बनाए थे। इससे पहले इंग्लैंड ईडन की बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर भारत को सामान्य स्कोर पर रोकने में सफल रहा। भारत ने सात विकेट पर 273 रन से आगे खेलना शुरू किया। धोनी ने 22 रन से अपनी पारी आगे बढ़ाई तथा 114 गेंद पर पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 52 रन बनाए। धोनी की इस पारी से भारत 300 रन के पार पहुंचने में सफल रहा लेकिन पनेसर ने दिन के पहले पांच ओवर में दो विकेट लिए जिससे भारत आज अधिक रन नहीं जोड़ पाया। तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने गेंदबाजी की शुरुआत करके एक तरफ से दबाव बनाया लेकिन वह कल के अपने तीन विकेटों में आज कोई इजाफा नहीं कर पाया। पनेसर ने चतुराई से कई तरह की वैरीएशन आजमाई। भारत की सुबह शुरुआत अच्छी नहीं रही। जहीर खान जब दो रन पर थे तब दिन के तीसरे ओवर में एंडरसन की गेंद पर ग्रीम स्वान ने दूसरी स्लिप में उनका कैच छोड़ा। जहीर हालांकि इसका फायदा नहीं उठा पाये और अगले ओवर में पनेसर ने उन्हें पवेलियन भेज दिया। जहीर ने छह रन बनाए। पनेसर ने अपने अगले ओवर में इशांत शर्मा (शून्य) को आउट किया। इसके बाद धोनी ने ओझा के साथ आखिरी विकेट के लिए 20 रन जोड़े। ओझा ने कोई रन नहीं बनाया लेकिन उन्होंने 19 गेंद का सामना किया तथा एक छोर पर डटे रहे। धोनी ने पनेसर की गेंद पर लांग ऑफ पर छक्का जड़कर भारत का स्कोर 300 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने इसी स्पिनर पर लांग आन पर छक्का लगाया। उन्होंने स्टीवन फिन पर एक्स्ट्रा कवर पर चौका लगाकर अपना अर्द्धशतक पूरा किया लेकिन अगली गेंद उनके बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर गली में स्वान के सुरक्षित हाथों में चली गई।

Updated : 2012-12-07T05:30:00+05:30
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