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पार्डीकर क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने

पार्डीकर क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने
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रतलाम। क्रीड़ा भारती नियामक मण्डल की बैठक पिछले दिनों अकोला विदर्भ में सम्पन्न हुई जिसमें नागपुर के लक्ष्मण राव पार्डीकर कार्यकारी अध्यक्ष चुने गए।पश्चिम क्षेत्र के बालासाहेब धर्माधिकारी मुम्बई ने श्री पार्डीकर के नाम का प्रस्ताव रखा तथा दलपतसिंह कादियान करनाल हरियाणा प्रांत द्वारा अनुमोदन किया गया। महाराष्ट्र विदर्भ प्रांत के पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। धनबाद झारखण्ड के संजय तिवारी, अखिल भारतीय नियामक मण्डल के सदस्य बनाए गए।राष्ट्रीय खेल संगम के प्रचार-प्रसार प्रमुख शरद जोशी ने बताया कि श्री पार्डीकरजी का लगाव बाल्यावस्था से ही सभी प्रकार के देशी खेलों में रही। माध्यमिक शाला में कबड्डी, खो-खो की टीमों में खेलते समय पुरस्कार भी प्राप्त किये। अखाड़ों में जाकर कुश्ती का प्रशिक्षण लेते समय मुदगुल, लाठीकाठी, दांडपट्टा, तलवारबाजी, मर्दानी खेलों का भी अभ्यास उन्होंने किया। विद्युत मण्डल में कर्मचारी रहे, उस समय भी मण्डल के खेलों की प्रतियोगिता में सहभागी हुए। व्हालीबॉल के साथ एथलेटिक्स के सभी खेलों की सहभागिता की। ऊंची कूद, लम्बी कूद, थाली फेंक, गोला फेंक, रिले रेस, १०० मीटर तथा २०० मीटर दौड़ में क्रमश: प्रथम तथा द्वितीय स्थान प्राप्त किये। इस प्रकार सभी खेलों में रूचि रही।सभी को सम्बोधित करते समय उन्होंने कहा कि क्रीड़ा भारती का कार्य अब सारे देश में फैल चुका है उसको और आगे बढ़ाने की जरूरत है, क्रीड़ा भारती यह किसी एक व्यक्ति या समूह तक सीमित नहीं, यह तो सारे समाज की है। समाज के भलाई के लिये खेल के माध्यम से आरोग्य सम्पन्न राष्ट्र निर्माण करना तथा देश में अन्य स्थापित खेलों के साथ स्वदेशी खेल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के परम्परागत खेलों को बढ़ावा देना ताकि अधिक से अधिक नवयुवक बच्चे महिलाएं अपनी खेल प्रतिभा को प्रदर्शित कर सकें। यह उद्देश्य क्रीड़ा भारती का है।



Updated : 2012-10-15T05:30:00+05:30
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