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पाकिस्‍तानी सूचना मंत्री का इस्‍तीफा

पाकिस्‍तानी सूचना मंत्री का इस्‍तीफा
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कराची.

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने सूचना मंत्री फिरदौस अवान का इस्‍तीफा नामंजूर कर दिया। ‘रेडियो पाकिस्‍तान’ के मुताबिक फिरदौस ने अपना इस्‍तीफा ना$img_titleमंजूर किए जाने का ऐलान किया है। फिरदौस ने कहा है कि वह नौकरशाही से मुक्‍त रहना चाहती हैं और अपनी पसंद की टीम बनाना चाहती हैं। पीएम ने उन्‍हें भरोसा दिया है कि मंत्रालय को लेकर उनकी आपत्तियों को दूर किया जाएगा। सूचना मंत्री ने कहा है कि वह अब संतुष्‍ट हैं और वह पार्टी आलाकमान और लोगों के लिए काम करती रहेंगी।
पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच बढ़ते तनाव के बीच सूचना मंत्री ने यहां इस्‍तीफे का ऐलान किया है। यहां हो रही कैबिनेट की मीटिंग के दौरान अवान ने जब अपने इस्‍तीफे का ऐलान किया तो उनकी आंखों में आंसू भर गए। अवान ने अपना त्‍यागपत्र पीएम को लिखा और आरोप लगाया कि उनकी 'लगातार उपेक्षा' की जा रही है।
अवान ने बैठक में कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री गिलानी और राष्ट्रपति आसिफ जरदारी के नेतृत्व पर भरोसा करती हूं और हमेशा करती रहूंगी। मुझे यह ऐलान करते हुए दुख हो रहा है कि मैं अपने पद से त्याग पत्र दे रही हूं।’ अवान ने बताया कि अगर पीपुल्स पार्टी उनके काम से संतुष्ट नहीं है तो वह इस पद पर बनी नहीं रह सकतीं।
खास बात यह रही कि इस कैबिनेट मीटिंग का सरकारी टीवी चैनल पर सीधा प्रसारण हो रहा था। अवान ने जैसे ही इस्‍तीफे का एलान किया वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने कुछ पल के भीतर ही सभी टीवी कैमरामैनों को धक्‍का देकर मीटिंग के हॉल से बाहर निकाल दिया। अवान के इस्‍तीफे के ऐलान करते ही प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी हक्‍के-बक्‍के रह गए, जो इस बैठक में मौजूद थे। बैठक में मौजूद कानून मंत्री मुल्‍ला बख्‍स चांदियो और संसदीय कार्य मंत्री बाबर अवान ने फिरदौस को मनाने की कोशिश की लेकिन सूचना मंत्री टस से मस नहीं हुईं।
पाकिस्‍तान पीपुल्‍स पार्टी (पीपीपी) की अगुवाई वाली मौजूदा सरकार में इससे पहले कमरुजमान कैरा और शेरी रहमान ने पाकिस्‍तान के सूचना मंत्री के पद से इस्‍तीफा दिया था। बताया जा रहा है कि मेमो विवाद के बाद अवान ने बतौर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री सरकार का बचाव नहीं किया था लेकिन स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
फिरदौस अवान ने ही घोषणा की थी कि पाकिस्‍तान ने भारत को एमएफएन का दर्जा दे दिया है लेकिन गिलानी सरकार ने बाद में साफ किया था कि यह प्रक्रिया अभी पूरी होनी है। अवान के इस ऐलान के बाद भारत को एमएफएन का दर्जा दिए जाने का पाकिस्‍तान में जबरदस्‍त विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। इस प्रदर्शन में कई आतंकी संगठन भी शामिल हैं।
आवन का संबंध पंबाद के जिले स्यालकोट से है और 2008 के आम चुनावों में पीपुल्स पार्टी की सीट पर संसद में पहुंची हैं। करीब एक साल पहले मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद उन्हें सूचना मंत्री का पद संभाला था। गौरतलब है कि कथित मेमो विवाद के बाद सरकार और सेना के बीच तनाव में बढ़ोतरी हो रही है और अचानक उनके इस्तीफे से कई अटकलें लगाई जा रही हैं। 

Updated : 2011-12-25T05:30:00+05:30
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