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अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद ​मोदी के प्रति देशवासियों का विश्वास बढ़ा

'जो कश्मीर हमारा है, वह सारे का सारा है' आज सच हो गया

अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद ​मोदी के प्रति देशवासियों का विश्वास बढ़ा

लखनऊ। केन्द्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने की सिफारिश पर आरएसएस तथा उससे जुड़े समवैचारिक संगठनों में खुशी की लहर है। विश्व हिन्दू परिषद के अवध प्रान्त के संगठन मंत्री भोलेन्द्र ने कहा कि केन्द्र सरकार के इस निर्णय के बाद ​मोदी के प्रति देशवासियों का विश्वास बढ़ा है। देशवासियों में एक खुली आजादी का भाव महसूस हो रहा है। आज हमारा देश पूर्ण स्वतंत्रता की ओर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि अब मोदी को बलूचिस्तान और पाक अधिकृत की ओर आगे बढ़ना चाहिए, जो हमारा चला गया, वह वापस आना चाहिए। देश और समाज हम सुरक्षित चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम राममंदिर का निर्माण कुछ समय के लिए टाल सकते हैं, लेकिन समान नागरिक संहिता, बांग्लादेशी घुसपैठ तथा रोहिंग्या मुसलमानों को भारत से बेदखल करने की तुरन्त कार्रवाई शुरू होनी चाहिए। आरएसएस के अवध प्रान्त के प्रान्त संघचालक प्रभु नारायण श्रीवास्तव फेसबुक पर लिखते हैं कि हम बचपन से संघ की शाखा पर 'कश्मीर किसका भारत का खेल' खेल रहे थे। आज यह सच हो गया।

आरएसएस के स्वयंसेवक प्रेरक मिश्र ने कहा कि संघ की शाखाओं पर नित्य स्वयंसेवकों का सपना आज साकार हुआ है। रोजाना संघ की शाखाओं पर 'जहां हुये बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है। जो कश्मीर हमारा है, वह सारे का सारा है।' इस नारे को हर स्वयंसेवक जयघोष करता है। उन सभी स्वयंसेवकों तथा देशवासियों के सपना को आज मोदी सरकार ने पूरा किया है। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने कहा कि अनुछेद 370 की समाप्ति देश के लिए गौरव और आनंद का क्षण है। भारत सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक व साहसिक निर्णय का शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास स्वागत व अभिनंदन करता है।

सरदार पटेल व श्यामा प्रसाद मुखर्जी के स्वप्न को इस सरकार ने साकार किया है। अनुछेद 370 वह धारा है जिसका विरोध डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर ने भी किया था। यह निर्णय जम्मू-कश्मीर सहित सम्पूर्ण देश के हित में लिया गया निर्णय है। इस निर्णय को राजनीति से ऊपर उठ कर सभी राजनैतिक पक्षों ने स्वागत करना चाहिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अखिल भारतीय प्रशिक्षण प्रमुख मनोजकान्त अपने सोशल मीडिया पर लिखते हैं कि 'हर्ष-हर्ष जय हो गया, जम्मू-कश्मीर अभय हो गया, भारत माता की जय' से अपने खुशी का इजहार किया है।

अवनीश सिंह राजपूत ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखते हैं कि 'यह तुंग हिमालय किसका है? उत्तुंग हिमालय किसका है? हिमगिरि की चट्टाने गरजीं, जिसमें पौरुष है उसका है।' पायोदकान्त लिखते हैं 'नाचे मन मोरा मगन धिक धा.. धिगी.. धिगी...बदरा घिर आये ऋतु है भीगी भीगी... धरती का स्वर्ग राक्षसी व्यवस्था से मुक्त हुआ। मानवेन्द्र प्रताप सिंह लिखते हैं 'यह ऐतिहासिक क्षण है। 'दर्द कहां तक पाला जाए, युद्ध कहां तक टाला जाए, तू भी है राणा का वंशज, फेका जहां तक भाला जाए।'' टुकड़े-टुकड़े गैंग भी हैरान होगी, शुरूआत जेएनयू से हुआ और अंत जम्मू कश्मीर और लद्दाख पर हुआ।

उल्लेखनीय है कि गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में दो अहम संकल्प पेश किए। इस संकल्प में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो भागों में बांटने का संकल्प शामिल है।जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश होगा। इस प्रदेश की अपनी विधायिका होगी, जबकि लद्दाख अब जम्मू-कश्मीर से अलग एक केंद्र शासित प्रदेश होगा। लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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