Home > स्वदेश विशेष > ऐसा रहा है "शीला दीक्षित" का राजनीतिक सफर

ऐसा रहा है "शीला दीक्षित" का राजनीतिक सफर

ऐसा रहा है "शीला दीक्षित" का राजनीतिक सफर

नई दिल्ली। तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं और दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष शीला दीक्षित का निधन हो गया है। 81 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। शीला दीक्षित राजधानी दिल्ली में कांग्रेस का सबसे भरोसेमंद चेहरा थीं। लोकसभा चुनावों से सिर्फ चार महीने पहले पार्टी ने उन्हें फिर से दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद का जिम्मा सौंपा था। हालिया लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से चुनावी मैदान में उतारा था।

- शीला दीक्षित का नाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल है। वह पार्टी की ऐसी नेता थी जिनकी छवि आम लोगों के बीच भी उतनी ही दमदार रही, जितनी ही वे अपने सहयोगियों के बीच लोकप्रिय थी। दिल्ली में उन्हें कुशल प्रशासक के तौर पर देखा जाता था। 2013 के विधानसभा चुनावों में उनकी हार के बाद आज भी दिल्ली के लोग शीला दीक्षित के समय में हुए विकास कार्यो को याद करते हैं। वर्ष 1984 से 89 में शीला दीक्षित को सबसे पहले यूपी के कन्नौज से सांसद चुना गया था। उस समय वह केंद्र सरकार में मंत्री भी रहीं। पहले उन्हें संसदीय कार्यों की राज्य मंत्री बनाया गया। फिर वह प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री रहीं।

-1998 में कांग्रेस ने शीला दीक्षित को पहली बार दिल्ली का कांग्रेस अध्यक्ष बनाया। इसके बाद हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को भारी सफलता मिली। उन्होंने पंद्रह वर्ष तक मुख्यमंत्री के तौर पर दिल्ली पर शासन किया। लगातार पंद्रह सालों तक सीएम रहने वाली देश की पहली महिला नेता भी बनीं। अपने शासन के दौरान सार्वजनिक परिवहन को सीएनजी आधारित करने, फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर उन्हें याद किया जाता है।

- 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में जन्म

- दिल्ली के कान्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से शुरुआती शिक्षा

- स्नातक और कला स्नातकोत्तर की शिक्षा मिरांडा हाउस से

- पति स्वर्गीय विनोद दीक्षित भारतीय प्रशासनिक सेवा के सदस्य रहे

-1984 में यूपी के कन्नौज से पहली बार सांसद बनीं। 1984 से 1989 तक केन्द्रीय मंत्री भी रहीं।

- 1998 में पार्टी ने दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया। इस वर्ष विस चुनावों में कांग्रेस को भारी सफलता मिली।

-1998 से लेकर 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। कुशल प्रशासक के तौर पर अपूर्व छाप छोड़ी।

- 11 मार्च 2014 को केरल की राज्यपाल नियुक्त। हालांकि, अगस्त 2014 में ही इस्तीफा दिया

- 2019 में दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त, उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से पार्टी की उम्मीदवार

Tags:    

Swadesh Digital ( 0 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Share it
Top