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चित्रकूट हत्याकांड के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन दोषी

चित्रकूट हत्याकांड के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन दोषी

भोपाल। चित्रकूट में हुई जुड़वा भाइयों की हत्या के लिए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सरकार और पुलिस प्रशासन को दोषी ठहराया है। कमलनाथ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अपराधियों में पुलिस का खौफ समाप्त हो गया है। पहले तो पुलिस अपराधियों को खोजने का ठोंग करती है और बच्चों के शव मिलते ही अपराधियों को पकड़ लेती है।

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सोमवार सुबह ट्वीटर के जरिए सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान लगाते हुए घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। नेता प्रतिपक्ष ने ट्वीट कर लिखा 'रात भर मन बैचैन रहा, यही सोचता रहा कि इंसानों में मानवता जैसी चीज क्या खत्म हो गई है ? जो इस प्रकार की हृदय विदारक घटनाओं को अंजाम देने में उनकी रूह तक नही कापती, अगर ऐसा ही चलता रहा तो भविष्य में क्या होगा? अपराधियों के दिल मे पुलिस प्रशासन का ख़ौफ़ ही नहीं है'।

एक अन्य ट्वीट करते हुए पुलिस की कार्रवाही पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने लिखा 'अपराधी बेखोफ होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते है और पुलिस कार्यवाही किये जाने का ढोंग करती है। 12 दिन से लापता बच्चों के अपराधियों को पुलिस एकाएक शव मिलने के तुरंत बाद ही पकड़ लेती है, यह तत्परता पुलिस और शासन ने तभी दिखाई होती जब अपहरण हुआ था तो शायद आज किसी का आंगन सूना नही होता । बच्चों के अपहरण की यह घटना प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान है? कही न कही सरकार और पुलिस प्रशासन भी दोषी है इस घटना के लिए।

गौरतलब है कि इससे पूर्व गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम घटना को लेकर एक पत्र भी लिखा था। पत्र में उन्होंने अपहरण से लेकर हत्याकांड तक की न्यायिक जांच करवाने की मांग की थी। उन्होंने सतना जिले के पुलिस अमले और पुलिस अधीक्षक को निलंबित करने की भी मांग की थी। पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को उनके उस बयान की भी याद दिलाई थी जिसमें स्वयं सीएम ने गृहमंत्री के लापता होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि आपने खुद ही गृहमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। इसलिए गृहमंत्री से तत्काल इस्तीफा लिया जाना चाहिए।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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